स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूकता बढ़ने के साथ दुनियाभर में पौधों पर आधारित आहार का चलन भी तेजी से बढ़ा है। वीगन डाइट इसी सोच का एक व्यापक रूप है, जिसमें भोजन मुख्य रूप से पौधों से प्राप्त खाद्य पदार्थों पर आधारित होता है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, मेवे, बीज और पौधों से प्राप्त अन्य खाद्य पदार्थ इसका हिस्सा हो सकते हैं। कई अध्ययनों में इस तरह के आहार और शरीर के वजन, बॉडी मास इंडेक्स तथा कुछ चयापचय संबंधी जोखिम कारकों में सुधार के बीच संबंध देखा गया है।
हालांकि, वीगन डाइट को केवल सलाद, फल और सब्जियों तक सीमित समझना सही नहीं है। संतुलित पौध-आधारित आहार में पर्याप्त प्रोटीन, स्वस्थ वसा, जटिल कार्बोहाइड्रेट और जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्वों की मौजूदगी भी आवश्यक है। समस्या तब पैदा हो सकती है जब व्यक्ति पशु-आधारित खाद्य पदार्थों को पूरी तरह छोड़ देता है, लेकिन उनके स्थान पर मिलने वाले पोषक तत्वों के वैकल्पिक स्रोतों को भोजन में पर्याप्त मात्रा में शामिल नहीं करता।
विटामिन बी12 की कमी सबसे बड़ी चिंता
वीगन डाइट से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण पोषण संबंधी चिंताओं में विटामिन बी12 की कमी शामिल है। विटामिन बी12 लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज और डीएनए के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर इसे स्वयं पर्याप्त मात्रा में नहीं बना सकता, इसलिए भोजन या आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार सप्लीमेंट के जरिए इसकी पूर्ति करनी होती है।
विटामिन बी12 प्राकृतिक रूप से मुख्य रूप से पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। यही वजह है कि पूरी तरह वीगन आहार लेने वाले लोगों में इसकी पर्याप्त मात्रा हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वयस्कों के लिए बी12 की दैनिक आवश्यकता लगभग 2.4 माइक्रोग्राम मानी जाती है, हालांकि उम्र, गर्भावस्था और अन्य परिस्थितियों के अनुसार पोषण संबंधी जरूरतें अलग हो सकती हैं। लंबे समय तक कमी रहने पर थकान, कमजोरी, एनीमिया और तंत्रिका संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
केवल बी12 ही नहीं, इन पोषक तत्वों पर भी ध्यान जरूरी
वीगन आहार में विटामिन बी12 के अलावा आयरन, कैल्शियम, आयोडीन, विटामिन डी और सेलेनियम जैसे पोषक तत्वों की पर्याप्त उपलब्धता पर भी ध्यान देना जरूरी है। उदाहरण के लिए, पौधों से मिलने वाला आयरन शरीर में पशु-आधारित स्रोतों से मिलने वाले आयरन की तुलना में अलग तरह से अवशोषित होता है। इसलिए केवल किसी एक खाद्य पदार्थ को आयरन का स्रोत मानने के बजाय विविध और संतुलित आहार लेना अधिक महत्वपूर्ण है।
इसी तरह कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं। वीगन आहार लेने वाले लोग कैल्शियम से भरपूर पौध-आधारित खाद्य पदार्थ और कैल्शियम-विटामिन डी से समृद्ध किए गए खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। आयोडीन के लिए भी संतुलित स्रोत जरूरी हैं, क्योंकि इसकी कमी और अधिकता दोनों स्वास्थ्य के लिए समस्या पैदा कर सकती हैं।
पौध-आधारित आहार का मतलब केवल कच्ची सब्जियां नहीं
वीगन डाइट को सही तरीके से अपनाया जाए तो यह काफी विविध और पौष्टिक हो सकती है। दालें, चने, राजमा, सोयाबीन और उससे बने खाद्य पदार्थ प्रोटीन के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। इसके अलावा मेवे और बीज स्वस्थ वसा तथा कई सूक्ष्म पोषक तत्व उपलब्ध करा सकते हैं। साबुत अनाज भोजन में ऊर्जा, फाइबर और कई अन्य पोषक तत्व जोड़ते हैं।
इसलिए वीगन डाइट अपनाने वाले व्यक्ति के लिए भोजन में विविधता सबसे महत्वपूर्ण है। केवल फल और सब्जियां खाने से शरीर की सभी पोषण संबंधी जरूरतें पूरी नहीं होतीं। पर्याप्त प्रोटीन, ऊर्जा, आवश्यक वसा और सूक्ष्म पोषक तत्वों के लिए अलग-अलग खाद्य समूहों को संतुलित मात्रा में शामिल करना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर पोषण विशेषज्ञ से व्यक्तिगत आहार योजना लेना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
वीगन डाइट हर व्यक्ति के लिए एक जैसी नहीं
किसी व्यक्ति के लिए वीगन डाइट कितनी उपयुक्त होगी, यह उसकी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, शारीरिक गतिविधि और भोजन की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा बुजुर्गों में पोषण संबंधी जरूरतें अलग हो सकती हैं। ऐसे मामलों में बिना विशेषज्ञ सलाह के किसी कठोर आहार पद्धति को अपनाना उचित नहीं माना जाता।
इसी तरह यदि किसी व्यक्ति को पहले से पोषक तत्वों की कमी, पाचन संबंधी समस्या या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो आहार में बड़ा बदलाव करने से पहले चिकित्सक या पंजीकृत आहार विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। खासकर बी12 जैसे पोषक तत्वों के मामले में केवल लक्षणों के आधार पर सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है। जरूरत की पुष्टि और सही मात्रा के लिए चिकित्सकीय सलाह महत्वपूर्ण है।
संतुलित वीगन डाइट हो सकती है बेहतर विकल्प
वीगन डाइट को पूरी तरह अस्वस्थ या हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य रूप से स्वस्थ मानना, दोनों ही दृष्टिकोण सही नहीं होंगे। वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बात यह है कि व्यक्ति क्या खा रहा है, कितनी मात्रा में खा रहा है और उसके आहार में जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त हैं या नहीं। अच्छी तरह नियोजित पौध-आधारित आहार स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बन सकता है, लेकिन इसके लिए पोषण संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
यदि कोई व्यक्ति वीगन डाइट अपनाता है तो उसे खास तौर पर विटामिन बी12 की नियमित पूर्ति के साथ प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, आयोडीन, विटामिन डी और अन्य जरूरी पोषक तत्वों पर ध्यान देना चाहिए। भोजन में पर्याप्त विविधता रखना और जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना इस आहार को अधिक सुरक्षित और संतुलित बनाने में मदद कर सकता है।