बैतूल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दो दिवसीय बैतूल दौरा प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर हिल स्टेशन कुकरू के विकास को नई दिशा देने वाला साबित हुआ। मुख्यमंत्री ने कुकरू को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की घोषणा करते हुए इसके समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि कुकरू को चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट के साथ जोड़कर एक एकीकृत पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा।
पर्यटन विकास के लिए 15 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुकरू के पर्यटन विकास के लिए फिलहाल 15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर बजट में और वृद्धि भी की जाएगी। यहां ईको टूरिज्म, सनराइज और सनसेट प्वाइंट, आधुनिक ईको रिसॉर्ट, पर्यटन अधोसंरचना और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
युवाओं को मिलेगा रोजगार
सीएम मोहन यादव ने कहा कि पर्यटन के विकास के साथ स्थानीय युवाओं को भी रोजगार से जोड़ा जाएगा। नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) के माध्यम से युवाओं को टूरिस्ट गाइड, ड्राइविंग और होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
जनजातीय परिवारों के लिए होमस्टे योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्थानीय जनजातीय परिवारों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने के लिए कुकरू में होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इनका संचालन मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपी टूरिज्म) के मानकों के अनुरूप होगा और बुकिंग की व्यवस्था भी एमपी टूरिज्म करेगा। इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
'कुकरू नेचुरल' ब्रांड से होगी स्थानीय उत्पादों की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरू अपनी उत्कृष्ट कॉफी के अलावा कोदो-कुटकी, आंवला, शहद, हर्रा, बहेड़ा, सफेद मूसली और अन्य वन उत्पादों के लिए भी जाना जाता है। इन उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन के लिए 'कुकरू नेचुरल' नाम से इकाइयां स्थापित की जाएंगी। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और वन विभाग के सहयोग से इन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाया जाएगा तथा शहरों में आउटलेट भी खोले जाएंगे।
कॉफी उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कुकरू में रोबुस्टा और अरेबिका कॉफी के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के लिए एक करोड़ रुपये की परियोजना स्थापित करने की घोषणा की। कॉफी बोर्ड और वन विभाग किसानों को तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराएंगे।
खेत में हल चलाया, ग्रामीण के घर किया भोजन
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान सहदेव गायनी के खेत में हल चलाकर मक्का की बुआई की। इससे पहले उन्होंने ग्रामीण शानू मंगल भूसूमकर के घर पहुंचकर परिवार के साथ बैठकर श्रीअन्न से बने भोजन का आनंद लिया। ग्रामीणों ने आत्मीयता के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अगले दिन सुबह कुकरू के सनराइज प्वाइंट पर योग और मेडिटेशन भी किया तथा स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों और कॉफी प्लांटेशन का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कुकरू का प्राकृतिक सौंदर्य और यहां की संस्कृति इसे मध्य प्रदेश का नया पर्यटन आकर्षण बनाने की पूरी क्षमता रखते हैं।