रामबन। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रामबन जिले में पंथ्याल और डिगडूल को जोड़ने वाली 3.5 किलोमीटर लंबी AT-03 साउथ बाउंड टनल का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। अगले कुछ दिनों में इसे ट्रैफिक के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है। इसके शुरू होने से अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को 'खूनी नाला' जैसे संवेदनशील और हादसों वाले मार्ग से नहीं गुजरना पड़ेगा।
846 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई टनल
करीब 846 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण सरला प्रोजेक्ट वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड ने किया है। यह जम्मू-श्रीनगर हाईवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। टनल के शुरू होने से यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और हर मौसम में सुगम हो जाएगी।
'खूनी नाला' से मिलेगी स्थायी राहत
पंथ्याल और 'खूनी नाला' का इलाका लंबे समय से भूस्खलन, पत्थर गिरने, अचानक बाढ़ और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं के कारण बदनाम रहा है। खासकर मानसून के दौरान यहां दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता था। नई टनल बनने से अब वाहनों को इस जोखिम भरे हिस्से से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।
अमरनाथ यात्रा में मिलेगी बड़ी सुविधा
अधिकारियों का मानना है कि यह टनल अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा, ट्रैफिक का दबाव घटेगा और जम्मू से श्रीनगर तक निर्बाध आवागमन संभव हो सकेगा।
स्थानीय लोगों ने किया स्वागत
स्थानीय लोगों और परिवहन कारोबारियों ने इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा पूरे साल बेहतर कनेक्टिविटी बनी रहेगी।
अंतिम चरण में फिनिशिंग का काम
सरला प्रोजेक्ट वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल मैनेजर हरीश कुंजा ने बताया कि AT-03 साउथ बाउंड टनल का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। फिलहाल फिनिशिंग और कुछ सहायक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले टनल को ट्रैफिक के लिए खोलने की तैयारी अंतिम चरण में है। वहीं स्थानीय निवासी नरेश सिंह ने कहा कि टनल के शुरू होने से अब लोगों को 'खूनी नाला' जैसे खतरनाक मार्ग से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित हो जाएगी।