मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 30 से अधिक लोगों की मौत का जिक्र करते हुए प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।कमलनाथ ने दावा किया कि अब सामने आई जानकारी के मुताबिक प्रदेश में 1766 स्थानों पर शराब का अवैध कारोबार हो रहा है।
आबकारी विभाग की रिपोर्ट का दिया हवाला
कमलनाथ ने अपने बयान में कहा कि यह जानकारी किसी स्वतंत्र संस्था की रिपोर्ट पर आधारित नहीं है, बल्कि सरकार के आबकारी विभाग की रिपोर्ट में सामने आई है।उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग की जिम्मेदारी शराब के व्यापार को नियंत्रित करने और अवैध शराब पर रोक लगाने की है। ऐसे में विभाग को जिन स्थानों पर अवैध कारोबार की जानकारी है, वहां कार्रवाई नहीं होने को लेकर उन्होंने सरकार से सवाल किया है।
पवित्र घोषित क्षेत्रों में भी शराब बिक्री का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन स्थानों को सरकार ने पवित्र घोषित कर वहां शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है, वहां भी शराब बिकने की बात रिपोर्ट में सामने आई है।कमलनाथ ने सवाल उठाया कि यदि आबकारी विभाग को 1766 स्थानों पर अवैध शराब कारोबार की जानकारी है तो इसे रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
सरकार से पूछा- कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए सवाल किया कि क्या सरकार को आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की चिंता नहीं है।उन्होंने सागर की घटना का जिक्र करते हुए सरकार से अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा और कहा कि सरकार को किसी और दुखद घटना का इंतजार नहीं करना चाहिए।
जनहित में सख्त कार्रवाई की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि जनहित में अवैध शराब के कारोबार पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने सरकार और आबकारी विभाग से उन स्थानों पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है, जहां अवैध शराब कारोबार की जानकारी सामने आई है।