भोपाल. मध्य प्रदेश में शनिवार को मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ने के संकेत हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में बादल छाए रहने और कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है, जबकि कई जिलों में रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर देखने को मिल सकता है। लगातार बदल रहे मौसमी सिस्टम के बीच अगले 24 घंटे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। राजधानी भोपाल के साथ इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम के इस बदलाव से जहां उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं तेज बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।
पन्ना, सतना और रीवा में तेज बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश के पन्ना, सतना और रीवा जिलों में तेज बारिश को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत अधिक रहने का अनुमान है और कुछ स्थानों पर करीब चार इंच तक पानी गिर सकता है। विंध्य क्षेत्र में पहले से सक्रिय मौसमी परिस्थितियों के बीच अचानक तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भरने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए ऐसे मौसम में नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होगी। विशेष रूप से तेज बारिश के दौरान खुले क्षेत्रों और कमजोर संरचनाओं के आसपास सावधानी बरतना महत्वपूर्ण माना जाता है।
52 जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश
शनिवार को प्रदेश के 52 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम सहित कई जिलों में बारिश हो सकती है। नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर में भी मौसम बदलने के आसार हैं। इसी तरह जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और पांढुर्णा में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। विंध्य और बुंदेलखंड के सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।
बड़े शहरों में भी बरसेंगे बादल
प्रदेश के प्रमुख शहर भी शनिवार को बारिश की गतिविधियों से अछूते नहीं रहेंगे। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। राजधानी भोपाल में बादलों की आवाजाही के बीच स्थानीय स्तर पर बारिश होने से तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है। इंदौर और उज्जैन संभाग में भी मानसूनी गतिविधियों के चलते मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी कुछ स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं, जबकि जबलपुर और आसपास के जिलों में बादल और बारिश का प्रभाव अधिक दिखाई दे सकता है। शहरों में तेज बारिश होने की स्थिति में सड़क यातायात, निचले इलाकों और जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश
मध्य प्रदेश में मानसून की कुल स्थिति पर नजर डालें तो इस वर्ष अब तक बारिश सामान्य से पीछे चल रही है। प्रदेश में अब तक औसतन करीब 16.8 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य तौर पर लगभग 21 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में करीब 4.2 इंच यानी लगभग 20 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूरे मानसून सत्र में मध्य प्रदेश के लिए सामान्य बारिश का औसत लगभग 37.3 इंच माना जाता है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश प्रदेश के मौसमी संतुलन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हो सकती है। विशेष रूप से जिन इलाकों में बारिश की कमी अधिक है, वहां लगातार अच्छी बारिश होने पर मौसमी अंतर कुछ हद तक कम हो सकता है।
किसानों के लिए बारिश का दौर अहम
मध्य प्रदेश की कृषि व्यवस्था काफी हद तक मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है, इसलिए आने वाले दिनों की बारिश खेती के लिए भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। जिन क्षेत्रों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां अच्छी बारिश से खेतों में नमी की स्थिति बेहतर हो सकती है और खरीफ फसलों को फायदा मिल सकता है। हालांकि अत्यधिक कम समय में बहुत ज्यादा बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। किसानों के लिए इसलिए बारिश की मात्रा के साथ उसकी निरंतरता भी महत्वपूर्ण है। मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमानों के आधार पर खेती से जुड़े कार्यों की योजना बनाना और जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखना उपयोगी रहेगा।
अगले 24 घंटे क्यों हैं महत्वपूर्ण
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के लिहाज से सक्रिय रह सकते हैं। एक ओर पन्ना, सतना और रीवा में तेज बारिश की चेतावनी है, वहीं बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का व्यापक प्रभाव दिखाई दे सकता है। मानसून के दौरान स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश की तीव्रता में अचानक बदलाव भी संभव होता है। ऐसे में जिन क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है, वहां लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। खासकर नदी, नाले और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को अचानक बढ़ने वाले जलस्तर को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।
बारिश से कमी पूरी होने की उम्मीद
मध्य प्रदेश में सामान्य से कम बारिश के बीच अब मौसम की सक्रियता उम्मीद जरूर जगा रही है। हालांकि एक-दो दिन की तेज बारिश से पूरे मानसून की कमी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन लगातार अच्छी बारिश होने पर स्थिति में सुधार संभव है। प्रदेश के लिए मानसून का बाकी दौर इसलिए महत्वपूर्ण रहेगा क्योंकि कुल मौसमी औसत तक पहुंचने के लिए अभी पर्याप्त बारिश की आवश्यकता है। आने वाले सप्ताह में यदि बारिश का सिलसिला अलग-अलग हिस्सों में बना रहता है तो जलस्रोतों, कृषि और भूजल स्तर के लिए भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल शनिवार का दिन प्रदेश के मौसम में बदलाव और बारिश की व्यापक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।