भोपाल। मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा को कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है। लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद अब बीजेपी की नजर जिले की विधानसभा सीटों पर भी है। इसी रणनीति के तहत भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने शुक्रवार को छिंदवाड़ा पहुंचकर वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। पार्टी की कोशिश जिले में कांग्रेस के राजनीतिक वर्चस्व को खत्म कर संगठन को और मजबूत करने की है।
छिंदवाड़ा पर बीजेपी की खास नजर
मध्यप्रदेश की राजनीति में छिंदवाड़ा लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत केंद्र रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में इस जिले ने कांग्रेस को लगातार राजनीतिक मजबूती दी। 1977 के लोकसभा चुनाव में जब देशभर में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था, तब भी छिंदवाड़ा सीट पर पार्टी ने जीत दर्ज की थी। हालांकि, पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस के इस मजबूत किले में सेंध लगाई। भाजपा के विवेक बंटी साहू ने कांग्रेस प्रत्याशी नकुलनाथ को हराकर लोकसभा सीट अपने नाम कर ली। अब बीजेपी की रणनीति लोकसभा की जीत को विधानसभा स्तर पर भी राजनीतिक बढ़त में बदलने की है।
विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस का दबदबा
2023 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रदेश में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन छिंदवाड़ा जिले में कांग्रेस अपनी पकड़ बनाए रखने में कामयाब रही। जिले की सात विधानसभा सीटों में से छह पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। इनमें जुन्नारदेव से सुनील उइके, चौरई से चौधरी सुजीत मेरसिंह, सौंसर से विजय चौरे, छिंदवाड़ा से कमलनाथ, परासिया से सोहनलाल बाल्मीक और पांढुर्ना से नीलेश उइके शामिल हैं। हालांकि, अमरवाड़ा से कांग्रेस के टिकट पर जीते कमलेश शाह बाद में बीजेपी में शामिल हो गए। जुलाई 2024 में हुए उपचुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। इसके बाद अमरवाड़ा सीट भी बीजेपी के खाते में चली गई। इस तरह जिले की राजनीति में बीजेपी ने अपनी स्थिति मजबूत की, लेकिन कांग्रेस की विधानसभा स्तर पर मौजूदगी अब भी पार्टी के लिए चुनौती बनी हुई है।

चंद्रशेखर ने वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से किया मंथन
छिंदवाड़ा में कांग्रेस को चुनौती देने की रणनीति के तहत भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने शुक्रवार को जिले का दौरा किया। उन्होंने जिला कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा की। इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री सुमेर सिंह सोलंकी भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने सांसद विवेक बंटी साहू, भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव और जिला प्रभारी बबला शुक्ला सहित अन्य नेताओं से संगठन की स्थिति और राजनीतिक रणनीति पर विचार-विमर्श किया। इस बैठक को छिंदवाड़ा में पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए संगठन को सक्रिय करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
लोकसभा की जीत के बाद विधानसभा पर नजर
लोकसभा चुनाव में जीत के बाद बीजेपी छिंदवाड़ा में अपनी राजनीतिक संभावनाओं को और विस्तार देना चाहती है। पार्टी के सामने चुनौती कांग्रेस के परंपरागत समर्थक वर्ग तक पहुंच बनाने, स्थानीय संगठन को मजबूत करने और विधानसभा क्षेत्रों में अपनी स्थिति सुधारने की है। अब देखना होगा कि संगठन महामंत्री चंद्रशेखर के दौरे और वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई चर्चा के बाद बीजेपी की रणनीति जमीन पर कितना असर दिखाती है। छिंदवाड़ा में कांग्रेस के लंबे समय से कायम प्रभाव को चुनौती देना भाजपा के लिए आसान नहीं होगा।