भोपाल | मध्य प्रदेश में महिला शिक्षिकाओं के संतान पालन अवकाश (Child Care Leave-CCL) की प्रक्रिया ऑनलाइन करने की मांग उठी है। शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने राज्य सरकार से आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और समयबद्ध करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि जिला स्तर पर जारी ऑफलाइन व्यवस्था के कारण पात्र महिला शिक्षिकाओं को आवेदन और अवकाश की मंजूरी लेने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ऑफलाइन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप
संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने कहा कि फिलहाल CCL अवकाश की स्वीकृति जिला स्तर पर ऑफलाइन दी जाती है। उनके मुताबिक, इस व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है और आवेदनों पर अनावश्यक देरी के साथ कथित अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि इसका असर उन महिला शिक्षिकाओं पर पड़ता है, जो नियमों के तहत संतान पालन अवकाश की पात्र हैं। CCL केवल विभागीय सुविधा नहीं, बल्कि बच्चों की देखभाल, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारिवारिक जिम्मेदारियों से जुड़ा महत्वपूर्ण अधिकार है।
शिक्षक संगठन ने रखीं ये मांगें
शासकीय शिक्षक संगठन ने सरकार के सामने CCL प्रक्रिया में सुधार के लिए कई मांगें रखी हैं:
- आवेदन से स्वीकृति तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाए।
- आवेदन की स्थिति जानने के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग सुविधा मिले।
- आवेदन निरस्त करने या आपत्ति लगाने पर अधिकारी को स्पष्ट कारण दर्ज करना अनिवार्य हो।
- आवेदन की स्वीकृति के लिए समय-सीमा तय की जाए।
- जिला स्तर पर अनावश्यक हस्तक्षेप रोका जाए।
- पात्र महिला शिक्षिकाओं को बिना भेदभाव नियमानुसार अवकाश दिया जाए।
सरकार से जल्द ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने की अपील
उपेन्द्र कौशल ने स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और राज्य सरकार से इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि CCL की ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से महिला शिक्षिकाओं को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और पात्र शिक्षिकाओं को समय पर अपने अवकाश का लाभ मिल सकेगा। फिलहाल यह संगठन की ओर से उठाई गई मांग है। सरकार की ओर से इस संबंध में किसी निर्णय या नई व्यवस्था की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।