प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 23वीं किस्त जारी कर देशभर के किसानों को बड़ी सौगात दी। इस किस्त के तहत 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में कुल 18,880 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसानों के खातों में 2-2 हजार रुपये की राशि भेजी गई। इससे देशभर के करोड़ों किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कार्यक्रम में शामिल हुए CM मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए लगातार काम हो रहा है और देश में रामराज्य की कल्पना साकार होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली, पानी, सड़क और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने किसानों की जिंदगी बदलने का काम किया है। आज भारतीय किसान अपनी मेहनत और सरकार की कल्याणकारी नीतियों की वजह से नई पहचान बना रहा है।
"कांग्रेस के समय गेहूं 300-400 रुपये में बिकता था"
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब गेहूं का भाव 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल हुआ करता था, लेकिन आज मध्य प्रदेश सरकार किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है और वर्तमान में देश में सबसे ज्यादा प्राकृतिक खेती मध्य प्रदेश में हो रही है।
2019 में शुरू हुई थी पीएम किसान योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सरकार यह राशि एकमुश्त नहीं देती, बल्कि तीन बराबर किस्तों में किसानों के खातों में भेजी जाती है।
PM-KISAN योजना के तहत भुगतान का तरीका
| किस्त | राशि |
|---|---|
| पहली किस्त | ₹2,000 |
| दूसरी किस्त | ₹2,000 |
| तीसरी किस्त | ₹2,000 |
| कुल वार्षिक सहायता | ₹6,000 |
करोड़ों किसानों को मिली राहत
23वीं किस्त जारी होने के बाद देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में राशि पहुंचनी शुरू हो गई है। इससे खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।