भोपाल/जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह रविवार को गौरव और प्रेरणा का केंद्र बन गया। समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर 141 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 240 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जबकि 182 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। इसके अलावा तीन विद्वानों को डी-लिट, एक को डीएससी तथा पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर को मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवाओं से कहा- केवल खुद नहीं, समाज को भी आगे बढ़ाइए
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना युवाओं के ज्ञान, ऊर्जा और संकल्प से ही साकार होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखें, बल्कि समाज के वंचित, ग्रामीण और जनजातीय वर्गों के उत्थान में भी योगदान दें। उन्होंने कहा कि उच्च पदों पर पहुंचने वाले युवाओं के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी होती है और उन्हें समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करना चाहिए।
रानी दुर्गावती के शौर्य को किया नमन
राष्ट्रपति ने कहा कि रानी दुर्गावती अदम्य साहस, वीरता और नारी शक्ति की प्रतीक थीं। उनके नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय तभी अपनी सार्थकता सिद्ध करेगा, जब यहां से निकलने वाले विद्यार्थी समाज के पिछड़े और जनजातीय वर्गों के सशक्तिकरण के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज अपनी समस्याओं को खुलकर व्यक्त नहीं करता, इसलिए शिक्षित युवाओं का कर्तव्य है कि वे गांवों तक पहुंचकर लोगों को सरकारी योजनाओं और अवसरों की जानकारी दें।
शिक्षा को बताया विकास का सबसे प्रभावी माध्यम
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से अपेक्षा जताई कि वे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता की भावना विकसित करें। उन्होंने भारतीय संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं को संरक्षित रखने पर भी जोर देते हुए कहा कि आधुनिकता और परंपरा के संतुलन से ही देश का समग्र विकास संभव है।
बेटियों की सफलता पर राष्ट्रपति ने जताई खुशी
दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों में छात्राओं की संख्या अधिक रही। इसे लेकर राष्ट्रपति ने कहा कि यह देश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनकी उपलब्धियों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज भारत के युवा डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, हरित ऊर्जा और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में नई ऊंचाइयां हासिल कर रहे हैं और विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल बोले- गांवों और जनजातीय समाज के लिए काम करें युवा
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पदक और डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थी विकसित भारत-2047 की नई शक्ति हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पांच-पांच गांवों को गोद लेकर जनजातीय और गरीब परिवारों के विकास में योगदान दें। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की पीएम जन-मन योजना और धरती आवा ग्राम विकास योजना के माध्यम से आदिवासी समाज के उत्थान के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।
CM मोहन यादव बोले- युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार दे रही नए अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार छात्रों और युवाओं के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा क्षेत्र में सकल नामांकन दर बढ़कर 28.9 प्रतिशत हो गई है, जबकि स्कूल शिक्षा में ड्रॉपआउट दर लगभग शून्य तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तीन नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू की गई है और युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
समारोह की प्रमुख उपलब्धियां
| उपलब्धि | संख्या |
|---|---|
| स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी | 141 |
| कुल स्वर्ण पदक | 240 |
| पीएचडी उपाधि प्राप्त शोधार्थी | 182 |
| डी-लिट उपाधि | 3 |
| डीएससी उपाधि | 1 |
| मानद उपाधि | 1 |
राष्ट्रपति का संदेश: मूल्यों को बनाएं जीवन का आधार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवाओं से सत्य, अहिंसा, करुणा, सेवा और ईमानदारी जैसे भारतीय मूल्यों को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की आकांक्षाएं और भविष्य युवाओं के कंधों पर टिका है और वही विकसित भारत के सच्चे निर्माता हैं।