देवास/हरदा: देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के मामले में पुलिस जांच में अवैध शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, हरदा जिले के टिमरनी से गुजरात ले जाई जा रही अवैध शराब से भरी आयशर गाड़ी को रोकने के दौरान चालक ने TI दिलीप पुरी को वाहन से कुचल दिया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि आरक्षक सोहन जाट भी इस घटना में घायल हुए हैं।
पुलिस ने घटना के बाद दबिश देकर शराब से भरे वाहन को पकड़ लिया है। जांच में राहुल जायसवाल को अवैध शराब तस्करी नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया गया है। पुलिस ने राहुल जायसवाल, केरम सिंह और इंदौर निवासी विजय राव को पुलिस अभिरक्षा में लिया है। वहीं, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
मुखबिर की सूचना पर बनाई गईं चार पुलिस टीमें
पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर 2026 की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि आयशर वाहन क्रमांक MP43 H 4786 में बड़ी मात्रा में अवैध शराब भरकर हरदा जिले के टिमरनी से गुजरात ले जाई जा रही है।सूचना मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कन्नौद के निर्देशन में चार पुलिस टीमें गठित की गईं। टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर नाकेबंदी की। इसी दौरान संदलपुर फाटा स्थित नर्मदा ढाबे के सामने अवैध शराब से भरा आयशर वाहन खड़ा दिखाई दिया।
TI दिलीप पुरी पर चढ़ा दिया ट्रक, उपचार के दौरान मौत
पुलिस के मुताबिक, खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी ने वाहन चालक को नीचे उतरकर गाड़ी की तलाशी देने के लिए कहा। इसी दौरान चालक ने कथित तौर पर उन्हें जान से मारने की नीयत से वाहन उनके ऊपर चढ़ा दिया और शराब से भरी गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया।इस घटना में निरीक्षक दिलीप पुरी गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान उनका दुखद निधन हो गया। वहीं, आरक्षक सोहन जाट को भी वाहन से कुचलने का प्रयास किया गया, जिसमें वे घायल हो गए।
पुलिस ने शराब से भरा वाहन पकड़ा, तीन आरोपी हिरासत में
घटना के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने दबिश देकर अवैध शराब से भरे आयशर वाहन को पकड़ लिया। जांच के दौरान चालक की पहचान राजेंद्र उर्फ अकबर के रूप में हुई है, जो अलीराजपुर जिले का निवासी बताया गया है।पुलिस के अनुसार, केरम सिंह चौगोंड ने उसे वाहन उपलब्ध कराया था। केरम सिंह को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जा रही है।इसके अलावा राहुल जायसवाल और इंदौर निवासी विजय राव को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि विजय राव ने राहुल जायसवाल के लिए शराब तस्करी नेटवर्क में काम करने की बात स्वीकार की है।
राहुल जायसवाल निकला शराब तस्करी नेटवर्क का मुख्य सरगना
पुलिस की विवेचना में सामने आया है कि राहुल जायसवाल हरदा जिले के टिमरनी में रहकर गुजरात तक अवैध शराब की तस्करी का नेटवर्क संचालित करता था।पुलिस के मुताबिक, तीन शराब दुकानों से अवैध शराब को अलग-अलग क्षेत्रों में सप्लाई करने की जिम्मेदारी राहुल जायसवाल संभालता था। तस्करी से मिलने वाली पूरी रकम पहले उसके पास जमा होती थी और इसके बाद वह अन्य लोगों को उनका हिस्सा देता था।
पुलिस ने राहुल जायसवाल को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया है। उसके खिलाफ हरदा जिले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
शराब कारोबार में चार पार्टनर की हिस्सेदारी
पुलिस जांच में शराब ठेके से जुड़े पार्टनर और उनकी हिस्सेदारी को लेकर भी जानकारी सामने आई है।पुलिस के अनुसार, इस कारोबार में जायसवाल के साथ राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहित जायसवाल की भागीदारी बताई गई है। इनमें राहुल, मनीष और मोहित की हिस्सेदारी 30-30 प्रतिशत तथा मुख्य पार्टनर जायसवाल की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत बताई गई है।इनमें मनीष जायसवाल इंदौर, मोहित जायसवाल गुजरात और मुख्य पार्टनर जायसवाल बड़वानी जिले में रहता है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पांच जिलों में पुलिस की दबिश, फरार आरोपियों पर 10 हजार का इनाम
पुलिस के मुताबिक, जांच में अवैध शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं। इसके आधार पर पांच जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अलग-अलग टीमें गठित की हैं।पुलिस की टीमें लगातार दबिश देकर आरोपियों की तलाश कर रही हैं। मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए देवास पुलिस अधीक्षक ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
TI दिलीप पुरी की मौत और अवैध शराब परिवहन के मामले में खातेगांव थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 109(1), 121(2), 3(5) और आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।फिलहाल पुलिस की जांच शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका पर केंद्रित है।