भोपाल/देवास: देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी की मौत के मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। अवैध शराब परिवहन से जुड़े मामले में आबकारी आयुक्त ने सहायक जिला आबकारी अधिकारी समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा हरदा जिले की तीन शराब दुकानों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं। शुरुआती जांच में शराब के अवैध परिवहन और संबंधित दुकानों की भूमिका को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी समेत तीन कर्मचारी सस्पेंड
आबकारी आयुक्त ने मामले में कार्रवाई करते हुए सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमरसिंह बघेल को निलंबित किया है। उनके अलावा आबकारी आरक्षक अरुण कुमरे और कृष्णपाल सिंह डोडियार पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।यह कार्रवाई अवैध शराब परिवहन और विभागीय स्तर पर सामने आई अनियमितताओं के मामले में की गई है। प्रशासन अब संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रहा है।
टिमरनी और रहटगांव की तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित
हरदा जिला प्रशासन ने टिमरनी और रहटगांव क्षेत्र की तीन मदिरा दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इन दुकानों का लाइसेंस बड़वानी निवासी पाटेन्द्र कुमार जायसवाल के नाम पर है।उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, सोडलपुर रोड टिमरनी और रहटगांव मदिरा समूह का वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक ठेका मूल्य करीब 24.69 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था।प्रशासन ने शराब परिवहन में अनियमितताओं के संदेह के आधार पर यह कार्रवाई की है।
ट्रक के गुप्त चैंबर से मिली विदेशी शराब
मामले की जांच के दौरान शराब से भरे वाहन में बनाए गए गुप्त चैंबर से बड़ी मात्रा में विदेशी मदिरा बरामद होने की जानकारी सामने आई है।आबकारी विभाग ने संबंधित दुकानों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान दुकानों में मौजूद शराब के बैच नंबर और जब्त की गई मदिरा के बैच नंबर का मिलान होने की बात सामने आई।प्रारंभिक जांच में प्रशासन को संदेह है कि जब्त की गई शराब संबंधित लाइसेंसी दुकान से अवैध तरीके से परिवहन की जा रही थी। इसी आधार पर दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
वाहन रोकने की कोशिश में हुई थी TI दिलीप पुरी की मौत
जानकारी के मुताबिक, 1 नवंबर की देर रात इंदौर-बैतूल हाईवे पर खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने शराब लेकर जा रहे एक वाहन को रोकने का प्रयास किया।आरोप है कि वाहन चालक ने रुकने के बजाय टीआई को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल दिलीप पुरी की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और आबकारी विभाग ने शराब परिवहन से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी।
आबकारी अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
प्रशासनिक आदेश में प्रथम दृष्टया मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। इसी आधार पर संबंधित मदिरा समूह के लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई है।फिलहाल प्रशासन शराब के स्रोत, उसके परिवहन के तरीके और इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा लाइसेंसधारियों की भूमिका की जांच कर रहा है।
शराब परिवहन के नेटवर्क की जांच में जुटा प्रशासन
TI दिलीप पुरी की मौत के बाद सामने आए इस मामले में अब आबकारी विभाग और पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। एक तरफ तीन विभागीय कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, वहीं तीन शराब दुकानों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।प्रशासन का अगला कदम जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगा। मामले में अंतिम जिम्मेदारी जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।