वाराणसी: सावन में सोमवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath) में बाबा का स्पर्श दर्शन पूरी तरह बंद रहेगा। श्रद्धालु सिर्फ झांकी दर्शन करेंगे और गर्भगृह के द्वार पर लगाए गए पात्र से ही दूध-जल से अभिषेक करेंगे। मंगला आरती के अलावा अन्य किसी भी आरती और सुगम दर्शन का टिकट नहीं मिलेगा। मैदागिन और गोदौलिया की तरफ से कोई भी वाहन मंदिर की तरफ नहीं जा सकेगा। वीआइपी वाहन भी इस रूट पर प्रतिबंधित रहेंगे।
तैयारियों को लेकर की गई बैठक
इसके लिए सभी विभागों को पत्र लिखकर वीआइपी दर्शन (Kashi Vishwanath) न करने की सूचना जारी करने का मंडलायुक्त कौशलराज शर्मा ने निर्देश दिया है। मंदिर कार्यपालक समिति के अध्यक्ष मंडलायुक्त कौशलराज शर्मा ने मंगलवार को सावन की तैयारियों के मद्देनजर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में बैठक की।
इस बार सावन दो माह का
इसमें श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से दर्शन और उनकी सुरक्षा लिए किए गए इंतजाम की जानकारी ली। कहा, अधिकमास होने के चलते इस बार सावन दो माह का है। ऐसे में पूर्व के वर्षों की अपेक्षा अधिक श्रद्धालु देश भर से बाबा का दर्शन करने काशी आएंगे। इसलिए सभी अधिकारी दर्शन कराने की जगह श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था पर ध्यान रखें।
ये रहेगी मंदिर में प्रवेश की व्यवस्था
मंदिर के अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालु जिस द्वार से प्रवेश (Kashi Vishwanath) करेंगे उसी द्वार से बाहर भी आएंगे। गंगा द्वार से आने वाले दर्शनार्थी गर्भगृह के पूर्वी द्वार से, मैदागिन की ओर से आने वाले दर्शनार्थी उत्तरी द्वार, सरस्वती फाटक की ओर से आने वाले दर्शनार्थी दक्षिणी द्वार और ढुंढीराज गली की ओर से आने वाले दर्शनार्थी गर्भगृह के पश्चिमी द्वार से बाबा का दर्शन करेंगे।
विश्वनाथ धाम में चार स्थानों पर चिकित्सा शिविर
मंडलायुक्त ने चिकित्सा विभाग को परिसर के अंदर चार स्थानों (Kashi Vishwanath) पर चिकित्सा कैंप लगाने का निर्देश दिया ताकि आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा की जा सके। उन्होंने दिव्यांगों व वृद्धजनों के लिए ई-रिक्शा चलाने का भी निर्देश दिया।
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