New Delhi: ISI का एजेंट कलीम दिन में सब्जी बेचने का दिखावा (Uttar Pradesh) करता था। जिससे लोगों को शक न हो, लेकिन वह रात में आइएसआइ के लिए कार्य करता था और छह राज्यों में उसने लड़कों को भी तैयार कर लिया था। उसने ISI के लिए हथियार और पैसों का लालच देकर लोगों को तैयार किया था।
एसटीएफ कर रही जांच
हालांकि एसटीएफ अब गंभीरता से पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। शामली में आइबी, एसटीएफ ने डेरा डाल लिया है। शामली के मोहल्ला नोकुआं रोड निवासी आइएसआइ का एजेंट कलीम सब्जी बेचने का दिखावा करते हुए देशभर में ISI का नेटवर्क मजबूत करने का कार्य कर रहा था। सूत्रों ने बताया कि कलीम के कब्जे से जो उर्दू में लिखे पेपर बरामद हुए हैं, उनमें आइएसआइ के कोडवर्ड और भारतीय सेना के स्थलों की जानकारी लिखी है। उनके माध्यम से वह देशभर में प्रचार किया करता था।
यूपी के इन जिलों से की थी शुरूआत
सूत्रों ने बताया कि कलीम ने आइएसआइ के प्रचार की शुरुआत (Uttar Pradesh) वेस्ट यूपी के जिले शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से की गई थी। कलीम अपने साथियों के साथ देशभर में आइएसआइ के लिए लोगों को जोड़ रहा था। वह रोजाना दिन में मंडी से सब्जी लाने के बाद दिनभर बिक्री किया करता था और रात में वाट्सएप आदि के माध्यम से आइएसआइ के लिए लड़कों को तैयार करता था।
युवाओं को दिया पैसों का लालच
कई मर्तबा वह यूपी से बाहर दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्ताखंड़ भी गया है। जहां युवाओं के एक समूह को बनाकर उनको आइएसआइ के लिए तैयार करता था। कलीम ने छह राज्यों से अपने साथ जोड़े गए युवाओं को कुछ पैसों का लालच देकर कहा था कि तुम्हें भारत में जिहाद फैलाने के लिए असलहा व गोला-बारूद तथा पैसा दिया जाएगा। युवाओं को भारत में जिहाद फैलाने के लिए प्रेरित कर रहा था। आइएसआइ के प्रचार के दौरान वह शहादत की दुआ जैसे संदेश भी युवाओं को देता था। गुरुवार से ही शामली में एसटीएफ और आइबी ने डेरा डाल लिया है।
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