मनरेगा योजना के तहत दिए गए काम के दिनों की संख्या कोरोना महामारी से पहले के समय (2019-20) से 40 करोड़ ज्यादा हो गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि गांवों में अभी भी आर्थिक दिक्कतें हैं और शहरों में रोजगार के अवसर पूरी तरह वापस नहीं आए हैं। मनरेगा योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को रोजगार देने वाली मुख्य सरकारी योजना माना जाता है। 31 मार्च 2024 तक इस योजना के तहत दिए गए काम के दिनों की संख्या 305.2 करोड़ हो गई है। यह आंकड़ा महीने के अंत तक का है और अंतिम संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है। इसकी तुलना में 2022-23 में दिए गए काम के दिन 293.7 करोड़ रहे थे। इस साल 12 करोड़ ज़्यादा दिनों का काम दिया गया।
ग्रामीण इलाकों में रोजगार की गारंटी देने वाली मनरेगा योजना के तहत काम के दिनों की संख्या कोरोना के पहले से 40 करोड़ ज्यादा हो गई है।