स्वामी विवेकानंद पर टिप्पणी कर चर्चाओं में आए संत अमोघ लीला दास ने शनिवार (22 जुलाई) को माफी मांगी। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के मछली खाने को लेकर बयान दिया था। जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। इस बीच उन्होंने एक वीडियो शेयर कर अपने इस बयान के लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी को आघात पहुंचाना नहीं था।
स्वामी विवेकानंद के गुरु को लेकर भी की थी टिपण्णी
उन्होंने स्वामी विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस को लेकर भी टिप्पणी की थी। इस पर भी उन्होंने माफी मांगी है और कहा कि जिन भी लोगों और संतों को उनकी बातों से दुख पहुंचा है उसके लिए वह सभी से क्षमा मांगते हैं। अमोघ इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISCON) से जुड़े हैं। लेकिन इस बयान के बाद इस्कॉन ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया था।माफी मांगते हुए शेयर किया वीडियो
उन्होंने माफी मांगते हुए एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि वह किसी को भी न तो दुखी करना चाहते थे और न ही बुरा महसूस करवाना चाहते थे। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह बात कही थी। अमोघ ने कहा, “मैं इस वीडियो के जरिए उन सभी लोगों और संतों से माफी मांगता हूं, जिनकी मेरी उन टिप्पणियों से भावनाएं आहत हुईं, जो मैंने स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण परमहंस जी को लेकर की थीं।”इस्कॉन ने भी की अमोघ के बयानों की निंदा
उनके बयानों ने बवाल मचा दिया था। विवाद बढ़ता देख इस्कॉन ने भी अमोघ के बयान से दूरी बना ली थी और कहा कि यह इस्कॉन की शिक्षा और मूल्यों को नहीं दर्शाते हैं। इस्कॉन ने भी अमोघ के बयानों की निंदा की और कहा कि ये न सिर्फ अपमानजनक हैं। बल्कि उनमें ज्ञान की कमी को भी दर्शाते हैं।क्या है पूरा मामला?
अमोघ लीला दास ने अपने एक प्रवचन में स्वामी विवेकानंद के मछली खाने पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा, “क्या कोई सदाचारी व्यक्ति मछली खाएगा? मछली को भी दर्द होता है, ठीक? क्या कोई सदाचारी व्यक्ति मछली खाएगा?” उन्होंने स्वामी विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस को लेकर भी टिप्पणी की थी।Read More: भाजपा मंत्री ने लोगों की दी ये सलाह,टमाटर महंगा है तो उसे खाना छोड़ दीजिए
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