MSP पर फसलों की खरीद की गारंटी मांग रहे किसानों का धरना 10 दिन से जारी है। सरकार से 4 दौर की बातचीत फेल हो चुकी है। 2 बार हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर पर किसानों का पुलिस से टकराव हो चुका है। 21 फरवरी को किसानों ने दिल्ली चलो मार्च का ऐलान करते हुए दिल्ली कूच करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस से हुए टकराव में एक किसान की मौत हो गई। सरवन सिंह पंढेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत कई किसान घायल हुए। यह देखते हुए किसानों ने दिल्ली कूच टाल दिया।
फैसला वापस लिया गया
किसान आंदोलन से जुड़े हरियाणा के किसान नेताओं पर सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA), यानी रासुका लगा दिया था, लेकिन शुक्रवार सुबह अचानक यूटर्न लेते हुए फैसला वापस ले लिया। अंबाला के IG सिबास कबिराज ने कहा कि गुरुवार को किसानों पर रासुका लगाने का आदेश हुआ था, जिस पर दोबारा से विचार किया गया और फैसला तुरंत प्रभाव से वापस ले लिया। बता दें कि हरियाणा सरकार ने गुरुवार को आदेश दिया था कि आंदोलन कर रहे किसानों पर रासुका लगाकर किसान आंदोलन के दौरान सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए। इसके लिए किसानों के बैंक खाते सीज किए जाएं। उनकी संपत्तियों की कुर्की की जाए। किसान नेताओं और पदाधिकारियों को नजरबंद करने की योजना भी सरकार की है।
1 करोड़ का मुआवजा देने की घोषणा
पंजाब सरकार ने किसानों के समर्थन में एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल पंजाब की भगवंत मान सरकार ने किसानों और पुलिस के साथ हुए टकराव में मारे गए किसान शुभकरण सिंह के परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा देने की घोषणा की है। राज्य की AAP सरकार उसकी बहन को नौकरी भी देगी।
आक्रोश दिवस नाम दिया गया
गुरुवार को चंडीगढ़ में SKM के नेतृत्व में किसान संगठनों की अहम बैठक हुई। इसमें ऐलान किया गया किया कि किसान काला दिवस मनाकर सरकार का विरोध जताएंगे। इसलिए आज 23 फरवरी को किसानों ने काला दिवस मनाया, जिसे आक्रोश दिवस नाम दिया गया है। इसके बाद 26 फरवरी को किसान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में महापंचायत बुलाई गई है। इससे पहले आज शुक्रवार को दिल्ली चलो मार्च पर फैसला लिया जाएगा।
किसान आक्रोशित
21 फरवरी को खनौरी बॉर्डर पर पुलिस से हुए टकराव में किसान शुभकरण सिंह की मौत होने से किसान आक्रोशित हैं। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और गृहमंत्री अनिल विज के खिलाफ मर्डर केस दर्ज करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि शुभकरण सिंह की हत्या की न्यायिक जांच कराई जाए। पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए।
न्यायिक जांच की मांग पूरी करे
किसानों की मांगों और किसान आंदोलन पर बात करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सरकार किसानों से बात करने के लिए तैयार है। किसानों से 4 बैठकें हुईं, जिनमें बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई। मोदी सरकार किसानों का भला करने के लिए प्रतिबद्ध है। बातचीत करके समस्या का समाधान निकाला जाएगा। वहीं किसानों ने कहा कि सरकार से बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन अब सरकार पहले शुभकरण की मौत का मुआवजा और न्यायिक जांच की मांग पूरी करे।
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