उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की सिलक्यारा में धंसी निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को निकालने के अभियान का आज (27 नवंबर) 16 वां दिन है। इन्हें निकालने के लिए पहुंचाई जाने वाली 80 सेंटीमीटर व्यास की आखिरी 10 मीटर की पाइप बिछाने का काम पिछले चार दिनों से नहीं हो पाया है। क्योंकि ड्रिल करने वाली ऑगर मशीन टूट कर अंदर ही फंस गई थी। इस बीच बचाव अभियान पर कुदरत के कहर का खतरा भी मंडराने लगा है।
अब भारतीय सेना ने शुरू की वर्टीकल ड्रिलिंग
पाइप के अंदर से मशीन के टूटे हुए हिस्से को भले ही निकाल लिया गया है। अब वैकल्पिक रास्ते के तौर पर भारतीय सेना के जवान पहाड़ी के ऊपर से वर्टिकल खुदाई कर रहे हैं। करीब 20 मीटर तक की खुदाई पूरी हो चुकी है। वर्टिकल तौर पर कम से कम 86 मीटर की खुदाई की जानी हैं। जिसमें चार दिनों का वक्त लगने का दावा किया जा रहा है। दूसरी ओर सुरंग के अंदर बचाव अभियान के लिए अचूक रणनीति बनाने में मदद के लिहाज से ड्रोन मैपिंग भी कर ली गई है। इस बीच मौसम विभाग के एक अलर्ट ने बचाव अभियान में जुटे कर्मियों और अंदर फंसे श्रमिकों के परिजनों की टेंशन बढ़ा दी है।मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए जारी किया येलो अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने आज सोमवार से तीन दिनों तक भारी बारिश के साथ बर्फबारी की चेतावनी दी है, जिसकी वजह से बचाव अभियान में और मुश्किलें आ सकती हैं। विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा के ऊपरी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से भारी बारिश के साथ-साथ बर्फबारी की संभावना व्यक्त की है। सिलक्यारा, बड़कोट उत्तरकाशी के वो इलाके हैं जहां भारी बर्फबारी होती है।बारिश बचाव कार्य में बन सकती है बड़ी बाधा
उत्तरकाशी में जहां सुरंग धंसी है, वहां पहाड़ी मिट्टी होने की वजह से बारिश के बाद हल्की होकर और धंसने लगती हैं। असल में सुरंग के अंदर डाली गई पाइप जिस सहारे पर टिकी है, उसमें भी बारिश के बाद दरार पड़ने की आशंका है। यहां रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे लोगों की सुरक्षा भी बारिश के बाद बड़ी चुनौती होगी।Read More: तेजस्वी यादव ने सीएम योगी को बताया "घंटी वाले बाबा"
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