अयोध्या के राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगा। इसके लिए आज विशेष पूजन के साथ प्राण प्रतिष्ठा समारोह शुरू हो रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां पूरी कर ली हैं। कल 17 जनवरी दिन बुधवार को भगवान रामलला की मूर्ति राम मंदिर में प्रवेश करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समारोह के यजमान होंगे। वे 21 जनवरी को अयोध्या पहुंच जाएंगे और 22 जनवरी को धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बनेंगे। कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज की बनाई रामलला की प्रतिमा गर्भगृह में प्रतिष्ठित होगी। 20-21 जनवरी को दर्शन नहीं होंगे।
ये होंगे 7 दिन के सभी कार्यक्रम-
16 जनवरी को आज विशेष पूजा के तहत प्रायश्चित एवं कर्म कुटी पूजन।
17 जनवरी की शाम को रामलला की मूर्ति रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में एंट्री करेगी।
18 जनवरी की शाम को तीर्थ पूजन, जलयात्रा, जलाधिवास, गंधाधिवास होगा।
19 जनवरी की सुबह औषधाधिवास, केसराधिवास, घृताधिवास।
19 जनवरी की शाम को ही धान्याधिवास होगा।
20 जनवरी की सुबह शर्कराधिवास, फलाधिवास होगा।
20 जनवरी की शाम को ही पुष्पाधिवास होगा।
21 जनवरी की सुबह मध्याधिवास होगा।
21 जनवरी की शाम को ही शय्याधिवास होगा।
22 जनवरी को 12 बजकर 20 मिनट से 1 बजे के बीच रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी।
121 पुजारी करेंगे अनुष्ठान
प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में अधिकतम 7 अधिवास और न्यूनतम 3 अधिवास होते हैं। पूरा अनुष्ठान 121 पुजारियों की टीम कराएगी। श्री गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ अनुष्ठान और रस्मों की निगरानी, को-ऑर्डिनेशन और डायरेक्शन करेंगे। काशी के श्री लक्ष्मीकांत दीक्षित मुख्य आचार्य होंगे।
Comments (0)