महाराष्ट्र में महायुति सरकार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद एनसीपी प्रमुख अजित पवार को बड़ी राहत मिली है। अजित पवार ने गुरुवार (5 दिसंबर) को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और शुक्रवार को बेनामी संपत्ति से जुड़े एक मामले में ट्रिब्यूनल ने बड़ी राहत दे दी। दिल्ली की बेनामी संपत्ति ट्रिब्यूनल ने आयकर विभाग द्वारा सीज उनकी संपत्ति मुक्त करने का आदेश दिया है।
2021 का है मामला
जानकारी के मुताबिक, साल 2021 में आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति के मामले में अजित पवार और उनके बेटे पार्थ पवार और पत्नी सुमित्रा पवार की संपत्ति सीज की थी। विभाग ने 7 अक्टूबर 2021 को विभिन्न कंपनियों पर छापेमारी के दौरान कुछ कागजात बरामद किए थे। उसका दावा था कि ये कागजात अजित परिवार और उनके परिवार की बेनामी संपत्तियों के थे।
संपत्तियों को रिलीज किया गया
बेनामी रोकथाम अपीलीय न्यायाधीकरण ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। इसके बाद आयकर विभाग ने न्यायाधीकरण के फैसले के खिलाफ अपील की थी, जिसे न्यायाधीकरण ने खारिज कर दिया। दिल्ली की बेनामी ट्रिब्यूनल कोर्ट ने शुक्रवार (6 दिसंबर, 2024) को फैसला सुनाते हुए अजित पवार की सीज की गई संपत्तियों को रिलीज कर दिया है।
फिर से उपमुख्यमंत्री बने हैं अजित पवार
महाराष्ट्र में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में महायुति की सरकार बनी है। भाजपा के दिग्गज नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि उनके साथ अजित पवार और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।
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