22 जनवरी 2023 को अयोध्या में राम मंदिर का बड़े ही भव्य तरीके से उद्घाटन होने जा रहा है। वहीं श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पीएम मोदी, कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मायावती, समेत कई बड़े नामचीन नेताओं की न्योता दिया है। इस दौरान कई अन्य राजनितिक पार्टियों को न्योता नहीं दिया गया है, जिनमें से एक है शिवसेना के उद्धव ठाकरे है।
श्रेय लेने की राजनीतिक चढ़ाई का हिस्सा बन गया है
राम मंदिर उद्घाटन का न्योता नहीं मिलने पर शिवसेना (UT) के सांसद संजय राउत भड़क गए। उन्होंने कहा कि, यह श्रेय लेने की राजनीतिक चढ़ाई का हिस्सा बन गया है। राम मंदिर उद्घाटन पर शिवसेना को कोई निमंत्रण नहीं आया है और उन्होंने उद्धव ठाकरे को आमंत्रित नहीं किया है। संजय ने आगे कहा कि, श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बाला साहेब ठाकरे को भी आमंत्रित नहीं किया होता, क्योंकि यह श्रेय लेने की राजनीतिक चढ़ाई का हिस्सा बन गया है।
राम मंदिर निर्माण में शिवसेना का बड़ा योगदान है
उन्होंने कहा कि, राम मंदिर निर्माण में शिवसेना का बड़ा योगदान है। बाला साहेब ठाकरे का भी बहुत बड़ा योगदान था। वे हमसे बात नहीं करेंगे, अगर उद्धव ठाकरे वहां जाएंगे तो बाला साहेब ठाकरे और शिवसेना जय-जयकार करेंगे। संजय ने आरोप लगाते हुए कहा कि, राम मंदिर में योगदान देने वालों के संबंध में कभी भी बात नहीं कर रहा है। राउत ने इस दौरान यह भी कहा कि, भगवान श्री राम सबके हैं, किसी राजनीतिक दल या नेता की बपौती नहीं है, एक बार उन्हें अपना राजनीतिक समारोह करने दीजिए, फिर हम धार्मिक उत्सव मनाएंगे।
राम मंदिर किसी के व्यक्तिगत जहांगीर नहीं है
शिवसेना नेता ने कहा कि, जिसका योगदान है उनको कभी नहीं बुलाएंगे अभी तक नहीं आया है क्योंकि हमारा बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने आगे कहा कि, हमको हमारे योगदान का हिस्सा नहीं मिलेगा। अगर आप राम मंदिर का श्रेय लेना चाहते हो। राम मंदिर किसी के व्यक्तिगत जहांगीर नहीं है, अयोध्या में राम मंदिर होना ही हमारे लिए गर्व की बात है, लेकिन हम इसका राजकीय उत्सव नहीं मनाना चाहते। हम इस पर वोट नहीं मांगना चाहते उनका राजनीतिक इवेंट होने के बाद हम वहां जाएंगे और रामलाल का दर्शन भी लेंगे।
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