विधायकों को अयोग्य ठहारने की याचिका को खारिज करने के महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर के फैसले पर उद्धव ठाकरे गुट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की शिवसेना का एक-दूसरे के विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को स्पीकर राहुल नार्वेकर ने बुधवार को खारिज कर दिया था।
नार्वेकर ने इस दौरान कहा था कि शिंदे की शिवसेना ही असली शिवसेना है। ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव आयोग ने भी ये बात मानी है। ऐसे में विधायकों की सदस्यता बरकरार रहेगी। ये फैसला शिवसेना (यूबीटी) के चीफ उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा झटका था।
किसने क्या कहा था?
एकनाथ शिंद ने स्पीकर राहुल नार्वेकर के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा था कि हमारे पास बहुमत है। ये बात पहले से ही हम कह रहे हैं। वहीं उद्धव ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने निशाना साधते हुए बताया था कि वो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
किन विधायकों की अयोग्यता को लेकर फैसला आया था?
शिंदे गुट के विधायकों की अयोग्यता को लेकर फैसला आने वालों के नाम- सीएम एकनाथ शिंदे, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. तानाजी सावंत, रोजगार मंत्री संदिपानराव भुमरे, अल्पसंख्यक विकास मंत्री अब्दुल सत्तार, भरत गोगावले, संजय शिरसाट और यामिनी जाधव हैं।
साथ ही अनिलभाऊ बाबर, डॉ. किनिकर बालाजी प्रल्हाद, प्रकाश सुर्वे, महेश शिंदे, लता सोनवणे, चिमणराव रूपचंद पाटिल, रमेश बोरनारे, डॉ. संजय रायमुलकर और बालाजी कल्याणकर हैं।
एकनाथ शिंदे ने की थी बगावत
एकनाथ शिंदे समेत कई विधायकों ने जून 2022 में तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी। इस कारण महाविकास अघाडी (कांग्रेस, अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना और अब शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ) की सरकार गिऱ गई थी। फिर शिंदे बीजेपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बन गए।
इसके बाद दोनों गुटों (एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे) ने शिवसेना पर दावा किया तो मामला चुनाव आयोग पहुंचा। आयोग ने शिंदे की शिवसेना को असली शिवसेना करार दिया।
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