रक्षाबंधन का त्योहार आने ही वाला है। बाजार भी रंगबिरंगी राखियों से सजने लगे हैं। ऐसे में जब स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए इस बार गोबर से बनी राखी बनाई जा रही है। इस कड़ी सरकार भी स्वदेशी चीजों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार ने गोठान का निर्माण करवाया है जहां गायों की देखरेख की जाती है और उनके गोबर से तरह-तरह के उत्पाद भी बनाकर बेचे जा रहे हैं।
गायों की सुरक्षा के लिए सरकार कर रही प्रयास
गाय को हमेशा से ही आस्था का प्रतीक माना जाता है, सदियों से ही गाय माता की पूजा जाती है। बावजूद इसके जब गाय आय का साधन नहीं रहती तो पशुपालक उन्हें यूं ही खुला छोड़ देते है। जिससे कभी सड़क हादसों से तो कभी झिल्ली खाने से गायों की मौत हो जाती है। जिसे छत्तीसगढ़ सरकार ने गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रदेश में गोबर खरीदी और गोठान का निर्माण कराया,जहां आवारा घूमने वाले गायों की देखरेख की जाती है।गोबर से बनाई जा रही इको फ्रेंडली राखी
रायपुर के गोकुलधाम नगर में एक गोठान स्थित है जहां 400 गायों की देखरेख की जाती है और उनके गोबर से तरह-तरह इको फ्रेंडली प्रोडक्ट बनाए जा रहे हैं. जिसमें राखी से लेकर कई तरह के सजावटी सामान शामिल है। जिनका एक्सपोर्ट देश के कई राज्यों में होता है वहीं महिलाएं स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा देते हुए गोबर से बनी राखी बना रही है, जिसके अंदर गेंदा, अपराजिता, तुलसी समेत अन्य फूलों के बीज डाले जा रहे हैं। इस बीच महिलाओ ने बताया कि त्योहार के बाद जब यह राखी गमले या बागीचे में रखी जाएगी तो लगातार पानी डालने से इसके अंदर से फूल के पौधे निकलेंगे। ये पौधे न केवल घर और बागीचे की सुंदरता बढ़ाएंगे, बल्कि भाई-बहन के प्यार की याद भी दिलाएंगे।Written By: Sanjana Maurya
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