केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार (9 अगस्त) को विधानसभा में राज्य का नाम बदलने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि केरल का आधिकारिक नाम बदलकर 'केरलम' किया जाए। सीएम विजयन ने कहा, ''इस सदन में नियम 118 के तहत एक प्रस्ताव पेश किया जा रहा है। जिसमें केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में हमारे राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर 'केरलम' किया जाए।''
मलयालम भाषा में राज्य का नाम 'केरलम'
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 नवंबर 1956 को भाषा के आधार पर राज्यों का गठन किया गया था और मलयालम भाषा में राज्य का नाम 'केरलम' है, जबकि संविधान की पहली अनुसूची में हमारे राज्य का नाम केरल लिखा गया है।
विजयन ने केंद्र से केरल का नाम बदलने का किया अनुरोध
विजयन ने कहा, ''यह विधानसभा सर्वसम्मति से केंद्र सरकार से संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत राज्य का नाम बदलने के लिए तत्काल कदम उठाने का अनुरोध करती है। सदन यह भी अनुरोध करता है कि संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लिखित सभी भाषाओं में राज्य का नाम 'केरलम' रखा जाए।'
विधानसभा में पास हुआ प्रस्ताव
गौरतलब है कि विधानसभा से यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हुआ है। किसी भी राजनीतिक दल ने इसका विरोध नहीं किया। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने इसमें किसी भी तरह का संशोधन न करने के लिए भी कोई सुझाव नहीं दिया।
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