आपराधिक कानूनों से जुड़े तीन बिल लोकसभा से पास हो गए हैं। इससे पहले बुधवार (20 दिसंबर) को इन बिलों पर चर्चा हुई। नए कानून में आतंकवाद, महिला विरोधी अपराध, देश द्रोह और मॉब लिंचिंग से संबधित नए प्रावधान पेश किए गए। यह बिल ऐसे समय में पास हुए हैं, जब संसद के 143 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें से 97 सासंद लोक सभा के हैं, जबकि 46 राज्य सभा के।
राजद्रोह का कानून खत्म
सरकार ने राजद्रोह जैसे कानूनों को निरस्त कर दिया है। इसके अलावा बिल में मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में बदलने का प्रावधान किया गया है। साथ ही अब आजीवन कारावास को 7 साल की सजा में बदला जा सकेगा।आतंकवाद को लेकर क्या हैं प्रावधान?
भारतीय न्याय संहिता में आतंकवाद की व्याखा की गई है और उसे दंडनीय अपराध बनाया गया है। इससे कोई भी आतंकवादी क़ानून की किसी भी कमी का फायदा नहीं उठा सकेगा।मॉब लिंचिग पर सख्त कानून
बिल में नस्ल, जाति और समुदाय के आधार पर की गई हत्या के लिए नया प्रावधान पेश किया गया है। बिल में मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर आजीवन कारावास से लेकर मौत की सजा तक का प्रावधान है।Read More: कोरोना के सब वैरिएंट JN.1 से घबराने की जरूरत नहीं , वैश्विक जनस्वास्थ्य के लिए ज्यादा खतरा नहीं: WHO
Comments (0)