दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हो रहा है। बीते कई दिनों से दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा में प्रदूषण बुरी तरह से छाया हुआ हैं। यहां की हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। बीते बृहस्पतिवार को भी कमोबेश यही स्थिति बरकरार रही और आज भी हालात जैसै के तैसै बने हुए हैं।
14 इलाकों का AQI गंभीर श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया
राजधानी के 14 इलाकों का AQI 400 पार यानी 'गंभीर' श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया। अगले दो तीन दिनों तक दिल्ली को प्रदूषण से राहत मिलने के आसार भी नजर नहीं आ रहे। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, बृहस्पतिवार को दिल्ली का AQI 390 रहा। वहीं शुक्रवार की सुबह यह आंकड़ा 450 पहुंच गया। इस स्तर की हवा को 'बहुत खराब' श्रेणी में रखा जाता है, लेकिन यह 'गंभीर' श्रेणी से सिर्फ 10 अंक नीचे है। एक दिन पहले बुधवार को यह 395 रहा था, यानी 24 घंटे के भीतर पांच अंकों की मामूली गिरावट आई, लेकिन आज फिर से AQI में तेजी से उछाल आया। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा तैयार वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, अगले तीन चार दिनों के बीच हवा की गति आमतौर पर दस किमी से नीचे रहने की संभावना है।
बृहस्पतिवार को 5 प्रतिशत प्रदूषित किया
पराली ने राजधानी को बृहस्पतिवार को 5 प्रतिशत प्रदूषित किया। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में इसके करीब 800 मामले दर्ज किए गए। 15 नवंबर को पराली प्रदूषण 23.39 प्रतिशत रहा था। 21 नवंबर को यह नौ प्रतिशत से अधिक रहा था। आइआइटीएम पुणे के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के मुताबिक शुक्रवार को पराली प्रदूषण चार प्रतिशत और शनिवार को तीन प्रतिशत रह सकता है।
कैसे तय होता है AQI
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा' माना जाता है। वहीं, 51 और 100 के बीच एक्यूआई का 'संतोषजनक', वहीं, 101 और 200 के बीच को एक्यूआई को 'मध्यम' तो 201 और 300 के बीच एक्यूआई को खराब श्रेणी में गिना जाता है। यदि एक्यूआई 301 और 400 के बीच आता है तो यह सबसे खराब श्रेणी में गिना जाता है। 450 से ऊपर दर्ज एक्यूआई को गंभीर प्लस माना जाता है।
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