केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन के एक हिंदू धर्म पर दिए विवादित बयान पर कहा कि, उदयनिधि को अपनी जुबान पर काबू रखना चाहिए। उन्हें ( उदयनिधि ) बोलने से पहले यह सोचना चाहिए कि, वह क्या और किसके लिए बोल रहे हैं। निर्मला ने आगे यह भी कहा कि, वह राजनीति में हैं और उनकी यह जिम्मेदारी है कि वह सोच-समझकर बोलें।
क्या वह अपने पिता के पैसों पर राजनीति में मौज काट रहे हैं?
आपको बता दें कि, उदयनिधि स्टालिन ने इस महीने की शुरुआत में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा तमिलनाडु को कथित तौर पर धनराशि न दिए जाने के बारे में कहा था कि, हम किसी के पिता का पैसा नहीं मांग रहे हैं। हम केवल तमिलनाडु के लोगों द्वारा भुगतान किए गए कर का हिस्सा मांग रहे हैं। स्टालिन के इस बयान पर निर्मला सीतारमण पलटवार करते हुए ने कहा कि, वह अपने पिता के पैसे के बारे में पूछ रहे हैं। क्या वह अपने पिता के पैसों पर राजनीति में मौज काट रहे हैं?
मैं भी ऐसे पूछ सकती हूं...
केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने इस बयान में आगे कहा कि, मैं भी ऐसे पूछ सकती हूं, लेकिन ऐसा करना सरासर गलत होगा। उन्हें ( उदयनिधि ) लोगों ने चुना है, वह सरकार में मंत्री हैं। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि, राजनीति में किसी के भी पिता और माता के बारे में कुछ भी बोलना ठीक नहीं होता है। हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। सीतारमण ने कहा कि, बारिश और बाढ़ के प्रकोप के दौरान राज्य को 900 करोड़ रुपये दिए गए हैं। आगे अगर जरुरत पढ़ेगी तो यह रकम और भी बढ़ाई जा सकती है।
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