पीएम मोदी के ताजा बयान के बाद पूरे देश में चर्चा चल पड़ी है कि क्या देश में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने जा रहा है? कुछ लोग कह रहे हैं कि लोकसभा चुनाव 2024 से पहले मोदी सरकार अपने यह बड़ा वादा भी पूरा करने जा रही है। पूरी उम्मीद है कि जुलाई में शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र में यह बिल पेश कर दिया जाएगा।
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अमेरिका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मलेशिया, तुर्की, इंडोनेशिया, मिस्र और आयरलैंड जैसे देशों में समान नागरिक संहिता का पालन किया जाता है। इन सभी देशों में सभी धर्मों के लिए एक समान कानून लागू है।
UCC लागू हुआ तो क्या होगा
समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद पूरे देश में सभी समुदायों के लिए विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने आदि से संबंधित एक नियम लागू होगा। संविधान के अनुच्छेद-44 में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की बात कही गई है।
3 जुलाई को बड़ी बैठक
कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय पर संसदीय स्थायी समिति ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए 3 जुलाई को बैठक बुलाई है। बैठक में सभी हितधारकों के विचारों को सुना जाएगा।
भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी के नेतृत्व वाली समिति ने सभी 31 सांसदों और समिति के सदस्यों को सूचित किया है कि इस बैठक में समान नागरिक संहिता पर हितधारकों के सुझाव मांगे जाएंगे और उन पर विचार किया जाएगा।
राजधानी भोपाल में RSS की बैठक
यूनिफॉर्म सिविल कोड पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में RSS की बड़ी बैठक हो रही है, जिसमें इस पर मंथन होगा। संघ शुरू से इस कानून के पक्ष में रहा है।
माना जा रहा है कि मोदी सरकार समान नागरिक संहिता कानून संसद के मानसून सत्र में ला सकती है। सरकार की कोशिश होगी कि सारी जरूरी कार्यवाही पूरी करते हुए इस कानून को साल 2024 के आम चुनावों से पहले लागू कर दिया जाए।
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