पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था और UPI की बढ़ती पहुंच को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि करीब एक दशक पहले डिजिटल भुगतान की साधारण शुरुआत आज दुनिया की प्रमुख फिनटेक क्रांतियों में बदल चुकी है।पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने UPI को आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए इसके बढ़ते लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय विस्तार के आंकड़े साझा किए।
2016-17 से UPI में जबरदस्त बढ़ोतरी
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के मुताबिक भारत में UPI लेन-देन की शुरुआत के बाद से इसमें लगातार तेजी देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि 2016-17 में UPI लेन-देन 1.78 करोड़ था, जो बढ़कर 2025-26 में 24,162 करोड़ से अधिक हो गया।
यानी करीब एक दशक के दौरान डिजिटल भुगतान के इस माध्यम का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर बढ़ा है। UPI ने छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबार और आम उपभोक्ताओं तक डिजिटल भुगतान को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
₹7 हजार करोड़ से करीब ₹314 लाख करोड़ पहुंचा लेन-देन मूल्य
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने UPI के लेन-देन के कुल मूल्य में हुई बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उनके अनुसार 2016-17 में UPI के जरिए हुए लेन-देन का मूल्य करीब ₹7,000 करोड़ था।वहीं, 2025-26 में यह बढ़कर करीब ₹314 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इन आंकड़ों को भारत की स्वदेशी डिजिटल भुगतान व्यवस्था की सफलता का उदाहरण बताया।
11 देशों तक पहुंचा भारत का UPI
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत का UPI अब केवल घरेलू डिजिटल भुगतान प्रणाली तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक UPI की पहुंच 11 देशों तक हो चुकी है।
इस अंतरराष्ट्रीय विस्तार को उन्होंने भारत की डिजिटल तकनीक और भुगतान व्यवस्था की वैश्विक स्वीकार्यता से जोड़ते हुए कहा कि दुनिया में भारत की स्वदेशी डिजिटल भुगतान प्रणाली की सफलता की चर्चा हो रही है।