अशोक गहलोत ने राजस्थान की BJP सरकार की ‘ग्राम विकास चौपाल’ योजना पर शनिवार को तीखा हमला बोला। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार ग्रामीण समस्याओं के समाधान के बजाय इस कार्यक्रम को अपनी छवि चमकाने का माध्यम बना रही है।
‘ग्रामीण समस्याओं के समाधान का अच्छा मौका था’
गहलोत ने बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘ग्राम विकास चौपाल’ गांवों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान निकालने का एक अच्छा अवसर था। लेकिन सरकार ने इसे जनसुनवाई के बजाय प्रचार का मंच बना दिया है। उन्होंने कहा कि इन चौपालों में सभी ग्रामीणों को आमंत्रित कर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए थीं, लेकिन केवल BJP कार्यकर्ताओं और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को बुलाया जा रहा है।
‘सरकार आलोचना से बचना चाहती है’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि सरकार आलोचना से बचने की कोशिश कर रही है। गहलोत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री जनता की समस्याओं और सरकार की आलोचना का सामना नहीं करना चाहते, जिसके कारण ‘ग्राम विकास चौपाल’ अब ‘चुनिंदा लोगों की चौपाल’ बनकर रह गई है।
‘ग्राम विकास रथ मजाक का पात्र बन गए’
राज्य सरकार के ‘ग्राम विकास रथ’ पर भी निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि ये रथ अब मजाक का विषय बन चुके हैं। उनका दावा है कि ढाई साल में सरकार ऐसा कोई बड़ा काम नहीं कर पाई जिससे प्रदेश की जनता को व्यापक लाभ मिला हो, लेकिन विकास रथ रवाना कर दिए गए जिनका गांवों में विरोध हो रहा है।
BJP सरकार को आत्ममंथन की सलाह
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ग्रामीण और शहरी सेवा शिविर और अब विकास रथ जैसे अभियान लगातार विफल हो रहे हैं। उन्होंने BJP सरकार को जनहित में आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि ऐसी स्थिति आखिर क्यों पैदा हो रही है।