गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंगलवार को अपना ‘संकल्प पत्र’ जारी कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बीजेपी ने “सुरक्षित असम, विकसित असम” के विजन के साथ 31 प्रमुख वादों का खाका पेश किया है, जिसमें विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा पर खास जोर दिया गया है।
UCC और भूमि पर बड़ा ऐलान
घोषणापत्र में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने का वादा किया गया है, लेकिन इसे छठी अनुसूची और आदिवासी क्षेत्रों से बाहर रखा जाएगा। साथ ही ‘मिशन बसुंधरा’ के तहत अतिक्रमण हटाने और वैध नागरिकों को जमीन अधिकार देने की बात कही गई है।
रोजगार और शिक्षा
बीजेपी ने युवाओं के लिए अगले 5 वर्षों में 2 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया है। इसके अलावा हर जिले में मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटी और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना भी शामिल है।
महिलाओं के लिए बड़े वादे
- ओरुनोदई योजना के तहत ₹1250 से बढ़ाकर ₹3000 मासिक सहायता
- 40 लाख महिलाओं को ₹25,000 आर्थिक मदद
- महिला सुरक्षा और सुविधाओं के लिए विशेष योजनाएं
₹5 लाख करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान
राज्य के विकास के लिए बीजेपी ने ₹5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य रखा है। इसके तहत—
- एक्सप्रेसवे और हाईवे नेटवर्क का विस्तार
- रेलवे और वंदे भारत ट्रेन प्रोजेक्ट
- नए एयरपोर्ट और कनेक्टिविटी में सुधार
बाढ़ और विकास पर फोकस
असम की बाढ़ समस्या से निपटने के लिए पार्टी ने पहले दो वर्षों में ₹18,000 करोड़ खर्च करने का ऐलान किया है।
विपक्ष पर हमला
संकल्प पत्र जारी करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर निशाना साधते हुए उनकी विदेशी संपत्तियों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
वहीं, केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम में शांति और विकास में सुधार हुआ है।
कांग्रेस की गारंटी
बीजेपी से पहले कांग्रेस ने भी अपनी गारंटी का ऐलान किया है, जिसमें महिलाओं को मासिक सहायता, बुजुर्गों को पेंशन, मुफ्त इलाज और 10 लाख लोगों को जमीन अधिकार देने का वादा शामिल है।
चुनाव कार्यक्रम
असम की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को एक चरण में मतदान होगा, जबकि 4 मई 2026 को मतगणना की जाएगी।