उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा रद्द करके सीएम योगी ने शुचितापूर्ण ढंग से 6 महीने के भीतर दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दे दिया है। इसके साथ ही स्पेशल स्टाफ फोर्स (STF) की टीम पेपर लीक मामले की तहकीकात में जुटी हुई है। वहीं इस मामले को लेकर सीएम योगी ने कड़े शब्दों में अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की बात की है।
सरकार नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सिपाही भर्ती, समीक्षा अफसर/ सहायक समीक्षा भर्ती एवं अग्निवीर भर्ती को लेकर सूबे की योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि, सरकार नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। पहले तो नौकरियां निकल नहीं रहीं तथा जो निवेश के बहाने रोजगार की बात थी वो रोजगार भी नहीं मिल रहे। राज्य के पूर्व सीएम यादव ने बीजेपी सरकार पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि, यदि नौकरियां निकालती हैं तो सरकार ही जानबूझकर पेपर लीक कराती है। पेपर छापने वाला कौन है, लाने वाला कौन है, किसकी सुरक्षा के अंदर पेपर लाए जाते हैं, एक प्रोसीजर के तहत है, क्या उसमें सरकार के लोग सम्मिलित नहीं हैं। सरकार पेपर छपवाती है, सरकार ही पेपर लाती है, ये सवाल सरकार से आपको पूछना चाहिए।
60 लाख नौजवान इससे परेशान हैं
सूबे के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पुलिस सिपाही भर्ती एवं RO भर्ती को लेकर कहा कि, लगभग 60 लाख नौजवान इससे परेशान हैं। नौजवान पुलिस भर्ती, आरओ भर्ती के लिए दोबारा परीक्षा कराने के लिए चाहते हैं। आखिर सरकार कर क्या रही है, जब सरकार इतनी व्यवस्था करती है तब पेपर लीक हो रहा है तथा फिर उससे बचने के लिए कुछ भी नाम फ़्लैश कर देना। सपा प्रमुख ने आगे बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, यदि पहली बार उत्तर प्रदेश में पेपर लीक हुए थे उसी समय कार्रवाई हो गई होती। आज तो डायलॉग चलते हैं अगर पहले दिन ही कार्रवाई हो गई होती तो नौजवानों को नौकरियां मिल गई होतीं, नौकरियों के पेपर लीक नहीं हुए होते।
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