कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार रात बारानगर इलाके में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की घटना सामने आई, जिसके बाद इलाके में माहौल गरमा गया। भाजपा प्रत्याशी सजल घोष ने आरोप लगाया कि चुनावी कार्यक्रम के बाद उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया, जिसमें कुछ लोग घायल भी हुए। घटना के बाद उन्होंने पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
भाजपा का आरोप: सुनियोजित हमला
सजल घोष का कहना है कि तृणमूल से जुड़े कुछ लोगों ने अचानक भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया। आरोप यह भी है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों और बंदूक की बट का इस्तेमाल किया। भाजपा प्रत्याशी ने इस हमले की जिम्मेदारी स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ताओं पर डालते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस पर उठे सवाल
घटना के बाद भाजपा ने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया। इसके बाद सजल घोष ने थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया और कई लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
CEO मनोज अग्रवाल का हस्तक्षेप
विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने सजल घोष से फोन पर बातचीत की। बातचीत में उन्होंने घटना की जानकारी ली और मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। सूत्रों के अनुसार CEO ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
शिकायत की स्थिति
जानकारी के मुताबिक देर रात तक इस मामले में कोई औपचारिक लिखित FIR दर्ज नहीं की गई थी, हालांकि प्रशासन ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।