कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नगरीय निकायों और नगर निगमों में इस्तीफों के दौर के बीच एक बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक खबर सामने आ रही है। कोलकाता से सटे उत्तर 24 परगना जिले के विधाननगर नगर निगम (Bidhannagar Municipal Corporation) को आधिकारिक तौर पर भंग कर दिया गया है। हाल ही में गुरुवार को विधाननगर नगर निगम की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के ठीक बाद राज्य प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए पूरे पुरबोर्ड (Municipal Board) को भंग करने का फैसला किया।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी
राज्य के राज्यपाल की अनुमति मिलने के बाद पश्चिम बंगाल नगर विकास एवं पुर विभाग (Municipal Affairs Department) द्वारा इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। निर्देशिका के अनुसार, विधाननगर नगर निगम को 'वेस्ट बंगाल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 2006' के तहत भंग किया जा रहा है। यह आदेश नोटिस जारी होने के क्षण से ही प्रभावी हो गया है।
नागरिक सेवाओं के लिए कमिश्नर की नियुक्ति
पुरबोर्ड के भंग होने के बाद पैदा हुए शून्य को भरने और शहर की प्रशासनिक व नागरिक सेवाओं को बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नगर निगम के रोजमर्रा के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक कमिश्नर (प्रशासक) की नियुक्ति की गई है। 6 महीने तक रहेगा कमिश्नर का शासन: नए आदेश के मुताबिक, संबंधित कमिश्नर अगले 6 महीनों तक या जब तक नगर निगम के नए चुनाव संपन्न नहीं हो जाते, तब तक विधाननगर नगर निगम के कामकाज और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालेंगे।
इस्तीफों के पीछे की बड़ी वजह?
पूर्व मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने गुरुवार दोपहर को अपने पद से इस्तीफा देते हुए इसके पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया था। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस इस्तीफे को लेकर कई तरह की चर्चाएं गर्म हैं। हालिया चुनाव परिणामों के बाद विधाननगर के पूर्व विधायक सुजीत बसु को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद रंगदारी (तोलाबाजी) समेत कई अन्य गंभीर आरोपों में विधाननगर के कई पार्षदों (Councilors) की भी गिरफ्तारी हो चुकी है।
बंगाल की कई नगर पालिकाओं में मची है खलबली
यह संकट सिर्फ विधाननगर तक सीमित नहीं है। राज्य में एक के बाद एक नगर पालिकाओं के मेयर और चेयरमैन पद छोड़ रहे हैं। चंदननगर नगर निगम के मेयर समेत तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अधिकांश पार्षदों ने पहले ही इस्तीफा दे दिया है। राज्य के विभिन्न जिलों की नगर पालिकाओं से भी टीएमसी चेयरमैनों और पार्षदों के इस्तीफे की झड़ी लगी हुई है। इस बीच, कोलकाता नगर निगम (KMC) के मेयर फिरहाद हकीम ने भी शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब कोलकाता नगर निगम को लेकर प्रशासन क्या फैसला लेता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।