नई दिल्ली: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने देश की जल नीति और सिंधु जल संधि को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की जल सुरक्षा अब सिर्फ विकास का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक नीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार दीर्घकालिक योजना के तहत जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर तेजी से काम कर रही है।सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इसी संदर्भ में जल मंत्री ने संकेत दिया कि आने वाले समय में भारत अपने जल संसाधनों को अधिक प्रभावी ढंग से संग्रहित और उपयोग करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
पानी रोकने की रणनीति पर बड़ा बयान
सीआर पाटिल ने कहा कि भारत के पास अभी पानी को बड़े पैमाने पर संग्रहित करने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, लेकिन इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दो वर्षों में पानी की कमी वाले क्षेत्रों तक बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
जल सुरक्षा बनी राष्ट्रीय नीति का हिस्सा
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि जल सुरक्षा अब केवल विकास का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा बन चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र तक जल पहुंचाया जाए और संसाधनों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जाए।
हर घर जल और स्वच्छता अभियान पर जोर
उन्होंने बताया कि सरकार की ‘हर घर जल’ योजना के तहत अब तक करोड़ों घरों तक नल से जल पहुंचाया जा चुका है। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों शौचालय बनाए गए हैं, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर में बड़ा सुधार हुआ है।
जल जीवन मिशन से ग्रामीण जीवन में बदलाव
जल जीवन मिशन के तहत अब तक बड़ी संख्या में घरों तक नल से जल पहुंचाया गया है। इससे खासकर ग्रामीण महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।
नदियों को जोड़ने और जल प्रबंधन पर फोकस
सरकार नदी जोड़ो परियोजना और जल संरक्षण पर भी तेजी से काम कर रही है। केन-बेतवा जैसी परियोजनाओं के जरिए लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं राजस्थान और अन्य राज्यों की जल समस्या के समाधान के लिए भी योजनाएं चल रही हैं।
जल संकट पर सरकार का दृष्टिकोण
सीआर पाटिल ने कहा कि भारत में बारिश की कोई कमी नहीं है, लेकिन समस्या जल प्रबंधन की है। इसी को सुधारने के लिए सरकार टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम और बड़े स्तर पर जल संरक्षण परियोजनाओं पर काम कर रही है।