जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के चंद्रकोट क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 84वीं बटालियन ने 61 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का भव्य आरोहण किया। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य देशभक्ति की भावना को मजबूत करना, राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ाना और आम नागरिकों के बीच राष्ट्र गौरव का संदेश पहुंचाना था। विशाल तिरंगा अब इस क्षेत्र में आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है और दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।
जवानों ने तिरंगे को दी सलामी
ध्वजारोहण समारोह के दौरान सीआरपीएफ अधिकारियों और जवानों ने पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला, जहां उपस्थित अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। समारोह में अनुशासन और सैन्य परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया।
देश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान का संकल्प
इस अवसर पर सीआरपीएफ की 84वीं बटालियन के कमांडेंट एन. रणबीर सिंह ने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने हमेशा तिरंगे की आन, बान और शान की रक्षा के लिए अपने जवानों का सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा से लेकर आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ अभियानों तक सीआरपीएफ ने हर चुनौती का साहस और समर्पण के साथ सामना किया है तथा भविष्य में भी इसी निष्ठा के साथ राष्ट्र सेवा जारी रखेगी।
राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बना विशाल तिरंगा
कमांडेंट ने कहा कि चंद्रकोट में स्थापित यह 61 फीट ऊंचा तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और सुरक्षा बलों के अटूट संकल्प का जीवंत प्रतीक है। यह हर नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है और युवाओं में देश सेवा की भावना को प्रेरित करता है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ राष्ट्रीय गौरव को भी नई ऊंचाई प्रदान करते हैं।
स्थानीय लोगों में दिखा उत्साह
विशाल राष्ट्रीय ध्वज के आरोहण के बाद स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे देशभक्ति को मजबूत करने वाला कदम बताया। क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और यात्रियों के लिए भी यह तिरंगा आकर्षण का नया केंद्र बन गया है, जो भारत की एकता, अखंडता और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस का संदेश देता है।