नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज समेत कई दलों और संगठनों के 500 से अधिक नेताओं को हिरासत में लिया है। सौरभ भारद्वाज ने लोगों से अपील की थी कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें और उनके इस्तीफे की मांग करें। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर सीईसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान आप नेता सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, अनुराग ढांडा, आतिशी और संजय सिंह सहित सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से नियंत्रित करने के लिए यह कार्रवाई की गई। हिरासत में लिए गए लोगों को विभिन्न थानों में ले जाया गया।
बैरिकेड्स और यातायात व्यवस्था
दिल्ली पुलिस ने आज जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए बैरिकेड्स लगा दिए हैं और जंतर-मंतर रोड को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया है। इसके साथ ही जंतर-मंतर पर बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने गांधी जयंती पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है और नई दिल्ली तथा उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लोगों के इकट्ठा होने के अनुमान को देखते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों को भी तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करते हुए पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया। यातायात को वैकल्पिक मार्गों से मोड़ा गया ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।
इंटरनेट सेवाओं का निलंबन
प्रदर्शन की स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में 12 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। यह कदम अफवाहों के प्रसार को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया। अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं के फैलने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। इंटरनेट बंद होने से प्रदर्शनकारियों और आम नागरिकों दोनों को संचार में कठिनाई हुई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि स्थिति सामान्य होते ही सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी। इस कदम से क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिली।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
आम आदमी पार्टी सहित तमाम विपक्षी दल वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तहत वोटर्स के नाम हटाए जाने और अन्य मुद्दों को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया में बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई। नेताओं ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने नारे लगाए और इस्तीफे की मांग को दोहराया। पुलिस ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने पर जोर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था और आगे की स्थिति
नई दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों की तैनाती के साथ स्थानीय पुलिस बल भी पूरी तरह अलर्ट है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और शांति भंग करने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।