देश के बड़े हिस्से इस समय भीषण गर्मी और उमस की मार झेल रहे हैं। उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में मानसून 25 से 30 जून के बीच पहुंच सकता है। यदि परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जल्द ही बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
जून के आखिरी सप्ताह में बदलेगा मौसम का पूरा परिदृश्य
मौसम विभाग के नवीनतम आकलनों के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह में उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दिल्ली-एनसीआर के अलावा हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के अनेक हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान वर्षा गतिविधियों में तेजी आएगी और लंबे समय से जारी गर्म हवाओं का प्रभाव कमजोर पड़ने लगेगा। इससे कृषि, जल संसाधनों और सामान्य जनजीवन को भी महत्वपूर्ण राहत मिलने की संभावना है।
पर्वतीय क्षेत्रों में भी दस्तक दे सकती है पहली मानसूनी बारिश
मैदानी इलाकों के साथ-साथ उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में भी मानसून की सक्रियता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कई क्षेत्रों में जून के अंतिम सप्ताह के दौरान पहली मानसूनी वर्षा देखने को मिल सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली यह बारिश न केवल मौसम को सुहावना बनाएगी बल्कि नदियों, झरनों और जलाशयों के जलस्तर में भी सुधार ला सकती है। हालांकि विशेषज्ञों ने पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक जल प्रवाह जैसी संभावित स्थितियों पर भी सतर्क रहने की सलाह दी है।
पिछले वर्ष की तुलना में समय पर पहुंचने की उम्मीद
पिछले वर्ष राजधानी क्षेत्र में मानसून ने 29 जून को दस्तक दी थी। इस बार मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मानसून अपने सामान्य समय के आसपास ही पहुंचेगा। मौसम के विभिन्न मॉडल और समुद्री परिस्थितियां फिलहाल अनुकूल दिखाई दे रही हैं, जिससे समय पर मानसून आगमन की संभावना मजबूत हुई है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो किसानों से लेकर शहरी आबादी तक सभी वर्गों को बड़ी राहत मिल सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ ने दिलाई शुरुआती राहत
हाल के दिनों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के मौसम को प्रभावित किया है। शुक्रवार सुबह हुई हल्की से मध्यम बारिश ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई और लोगों को भीषण गर्मी से अस्थायी राहत मिली। मौसम में आए इस बदलाव ने यह संकेत भी दिया है कि वातावरण में नमी बढ़ रही है और आगामी दिनों में वर्षा गतिविधियों की संभावना बनी हुई है। इससे राजधानी क्षेत्र में गर्मी का तीखापन कुछ कम हुआ है।
सप्ताहांत में बारिश और तेज हवाओं के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार और रविवार को भी राहत का सिलसिला जारी रह सकता है। दिल्ली के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इन मौसमीय गतिविधियों के कारण अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने का अनुमान है। इससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है और मानसून आगमन का उत्साह भी बढ़ेगा।