नई दिल्ली- NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देशभर के छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें बिना किसी डर और तनाव के परीक्षा देने की सलाह दी है। रविवार को आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र-छात्राएं शामिल होने जा रहे हैं। परीक्षा को लेकर चल रही चर्चाओं और विवादों के बीच शिक्षा मंत्री ने छात्रों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी मेहनत पर भरोसा रखना चाहिए और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल होना चाहिए।
छात्रों से निडर होकर परीक्षा देने की अपील
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि लाखों छात्र लंबे समय से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और अब उन्हें किसी भी तरह की चिंता या भय को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव जरूर है, लेकिन इसे तनाव का कारण नहीं बनाना चाहिए। छात्रों को अपनी तैयारी और क्षमता पर भरोसा रखते हुए शांत मन से परीक्षा देनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि मेहनत करने वाले सभी विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
NTA और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर जताया भरोसा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी दी अहम सलाह
धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के अन्य लोगों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाएं। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है और किसी भी प्रकार की अफवाह, तनाव या नकारात्मक माहौल से बचना चाहिए। उन्होंने सभी से सकारात्मक वातावरण बनाने और छात्रों का मनोबल बढ़ाने का आग्रह किया।
पेपर लीक विवाद के बीच आया बयान
शिक्षा मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब NEET-UG 2026 को लेकर पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार चर्चा हो रही है। इन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने छात्रों से कहा कि वे विवादों पर ध्यान देने के बजाय अपने लक्ष्य पर फोकस करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं और विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
22 लाख से ज्यादा छात्र देंगे परीक्षा
रविवार को आयोजित होने वाली पुनर्परीक्षा में देशभर से करीब 22 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसे देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक माना जाता है। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन ने अभ्यर्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।