बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समान नागरिक संहिता की आवश्यकता बताए जाने के बाद देश में इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच समान नागरिक संहिता पर बात करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा है कि भारत के कानून आयोग ने इसे सार्वजनिक डोमेन में डाल दिया है, 13 जुलाई आखिरी तारीख है, तब तक इंतजार करना चाहिए।
गौरतलब है कि समान नागरिक संहिता शुरू से ही भाजपा के तीन प्रमुख एजेंडे में से एक रहा है। अयोध्या में पवित्र राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण और जम्मू-कश्मीर से धारा-370 की समाप्ति जैसे दो बड़े संकल्प पूरे कर दिए गए और अब समान आचार संहिता की बारी है, जिसे लेकर लेकर खुद प्रधानमंत्री मोदी ने सियासी बैटिंग शुरू कर दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समान नागरिक संहिता का मुद्दा उठाने के बाद राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने सवाल किया कि आखिर 9 साल बाद प्रधानमंत्री मोदी को ये बात क्यों याद आ रही है। आपको बता दें कि भोपाल में आयोजित एक रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि संविधान सभी नागरिकों के लिए समान अधिकारों की बात करता है और विपक्ष समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर अल्पसंख्यकों को भड़काने का काम कर रहा है।
बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समान नागरिक संहिता की आवश्यकता बताए जाने के बाद देश में इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच समान नागरिक संहिता पर बात करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा है कि भारत के कानून आयोग ने इसे सार्वजनिक डोमेन में डाल दिया है, 13 जुलाई आखिरी तारीख है, तब तक इंतजार करना चाहिए।
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