तमिलनाडु को कथित तौर पर केंद्र की ओर से धनराशि नहीं दिए जाने को लेकर एक बार फिर मंत्री उदयनिधि स्टालिन अपने बयानों की वजह से विवादों में है। इस महीने की शुरुआत में उन्होंने कहा था, "हम किसी के बाप का पैसा नहीं मांग रहे हैं। हम केवल तमिलनाडु के लोगों द्वारा भुगतान किए गए कर का हिस्सा मांग रहे हैं।" अब इस पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार (22 दिसंबर) को तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन को अपने शब्दों का चयन करने में सावधनी बरतने की सलाह दी है।
'राजनीति में पिता और मां को घसीटना ठीक नहीं'
उदयनिधि स्टालिन के इसी बयान का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "जब वह मंत्री हैं तो उन्हें जिम्मेदारी से बोलना चाहिए। वह पिता के पैसे के बारे में पूछ रहे हैं। क्या वह अपने पिता की संपत्ति का उपयोग करके सत्ता का आनंद ले रहे हैं? क्या मैं ऐसा पूछ सकती हूं? उन्हें लोगों ने चुना है, तो क्या हम इसके लिए उनका सम्मान नहीं कर रहे हैं? राजनीति में पिता और मां को घसीटना ठीक नहीं है।''अपनी जुबान पर लगाम लगाना चाहिए'
उन्होंने आगे कहा कि एक राजनीतिक नेता के रूप में उदयनिधि अगर आगे बढ़ना चाहते हैं तो इसके लिए उन्हें अपनी जुबान पर लगाम लगाना चाहिए। उन्हें ऐसे शब्द बोलने चाहिए जो उनके पद की गरिमा के अनुरूप हों। निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि केंद्र ने हाल ही में बारिश के प्रकोप के दौरान राज्य को 900 करोड़ रुपये पहले ही वितरित कर दिए हैं। उन्होंने कहा,"मैं तो यह नहीं कह रही हूं कि यह मेरे पिता का पैसा है या उनके पिता का पैसा है।"'फंड न देकर राज्य के लोगों का किया अपमान'
तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने कहा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के अनुरोध के बावजूद निर्मला सीतारमण ने राज्य को फंड देने से इनकार करके राज्य के लोगों का अपमान किया है। यह ऐसे समय में किया गया है जब राज्य के लोग आपदा से जूझ रहे थे।Read More: आज बीजेपी पदाधिकारियों की बैठक लेंगे Amit Shah, लोकसभा चुनाव 2024 के लिए बनाएंगे रणनीति
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