प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शायर मुनव्वर राणा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जन्मे शायर श्री मुनव्वर राणा ने उर्दू साहित्य और शायरी में अपना समृद्ध योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने X पर अपनी एक पोस्ट में कहा कि, "मुनव्वर राणा जी के निधन से दुख हुआ। उन्होंने उर्दू साहित्य और काव्य में समृद्ध योगदान दिया। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। उनकी आत्मा को शांति मिले।"
“Tottenham is the only club with which I do not have a close bond. Probably because the stadium was empty at the time of Covid and because President Levy didn't let me play the final and win the trophy. But it’s the only club in my life”. ⚪️ #THFC
— Fabrizio Romano (@FabrizioRomano) May 25, 2023
José Mourinho. pic.twitter.com/ZR3XRvbLde
दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया
उर्दू शायर मुनव्वर राणा का लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। मुनव्वर राणा लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। मुनव्वर राणा ने 71 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। कई महीनों से पीजीआई अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। पहले उन्हें किडनी और दिल से जुड़ी बीमारियां थीं। वे क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थे। उनके निधन से देश में शोक की लहर फैल गई है।अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरे रहते थे
राणा एक उर्दू कवि थे और उन्होंने कई गजलें लिखी हैं। उन्होंने 2014 में उर्दू साहित्य के लिए मिले साहित्य अकादमी पुरस्कार को ठुकरा दिया था और देश में बढ़ती कथित असहिष्णुता के कारण फिर कभी सरकारी पुरस्कार स्वीकार नहीं करने की कसम खाई थी। राणा अक्सर अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरे रहते थे। मुनव्वर राणा उत्तर प्रदेश की सियासत में काफी एक्टिव थे। उनकी बेटी सुमैया अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्य हैं।कोई नई दुकान नहीं खुलेगी
नई नीति में शराब दुकानों का रिजर्व प्राइस तय कर 20 प्रतिशत अधिक पर ई-नीलामी होगी।
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