कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजन करने का विधान है। इस तिथि को अन्नकूट के नाम से जाना जाता है, क्योंकि इस दिन घरों में अन्नकूट का भोग बनाया जाता है। आपको बता दें कि, गोवर्धन पूजा का पर्व दिवाली के दूसरे दिन मनाया जाता है, लेकिन इस बार अमावस्या तिथि 2 दिन होने की वजह से गोवर्धन पूजन 14 नवंबर को मनाया जा रहा है। इस दिन श्रीकृष्ण के स्वरूप गोवर्धन पर्वत(गिरिराज जी) और गाय की पूजा का विशेष महत्व होता है।
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजन करने का विधान है। इस तिथि को अन्नकूट के नाम से जाना जाता है।