नई दिल्ली. वाहन मालिकों के लिए FASTag से जुड़ी एक बड़ी सुविधा शुरू की गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने ‘वन टैग’ व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत वाहन मालिक अपने मौजूदा FASTag को एक बैंक से दूसरे भागीदार बैंक में स्थानांतरित कर सकेंगे। अब बैंक की सेवाओं से संतुष्ट नहीं होने पर वाहन मालिक को नया FASTag खरीदने या पुराने टैग को बदलवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सुविधा मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तर्ज पर काम करेगी, जिससे बैंक बदलने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
करीब एक दर्जन बैंक व्यवस्था में शामिल
‘वन टैग’ व्यवस्था के तहत करीब एक दर्जन प्रमुख बैंक शामिल हुए हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एयरटेल पेमेंट्स बैंक जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं। इसका उद्देश्य FASTag उपयोगकर्ताओं को अधिक विकल्प देना और बैंकिंग सेवाओं को लेकर उनकी पसंद को आसान बनाना है। नई व्यवस्था में वाहन मालिक अपने मौजूदा FASTag को बनाए रखते हुए भाग लेने वाले दूसरे बैंक की सेवा अपना सकेंगे। इससे नए टैग के लिए आवेदन करने, उसे वाहन पर लगाने और पुराने टैग से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने की परेशानी कम हो सकती है।
राजमार्ग यात्रा ऐप से होगा पोर्ट
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, FASTag को एक बैंक से दूसरे बैंक में स्थानांतरित करने की सुविधा राजमार्ग यात्रा ऐप के माध्यम से उपलब्ध होगी। इस व्यवस्था से वाहन मालिक डिजिटल माध्यम से अपने FASTag से संबंधित बैंकिंग विकल्प बदल सकेंगे। पोर्टेबिलिटी की यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो बैंक की सेवा, ग्राहक सहायता या अन्य सुविधाओं से संतुष्ट नहीं हैं। इससे FASTag व्यवस्था में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ उपयोगकर्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलने की संभावना भी है।
98 प्रतिशत से अधिक टोल संग्रह FASTag से
राष्ट्रीय राजमार्गों पर FASTag का इस्तेमाल अब व्यापक स्तर पर हो चुका है। नितिन गडकरी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर 98 प्रतिशत से अधिक टोल संग्रह FASTag के माध्यम से किया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह बढ़ने से टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की जरूरत कम हुई है और वाहनों के आवागमन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिली है। ऐसे समय में FASTag की बैंक पोर्टेबिलिटी शुरू होने से डिजिटल टोल व्यवस्था को और उपयोगकर्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्थानीय वाहन चालकों के लिए वार्षिक पास की तैयारी
सरकार टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए वार्षिक स्थानीय पास शुरू करने की भी तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय वाहन मालिकों को लगभग 1,500 रुपये में वार्षिक पास उपलब्ध कराने का अनुमान है। इसका उद्देश्य उन लोगों को राहत देना है, जिन्हें स्थानीय आवागमन के दौरान बार-बार टोल भुगतान करना पड़ता है। हालांकि इस व्यवस्था के अंतिम नियम, पात्रता और लागू होने की औपचारिक घोषणा के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
मासिक स्थानीय पास से अलग होगी नई व्यवस्था
फिलहाल स्थानीय निवासियों के लिए टोल प्लाजा आधारित पास मासिक आधार पर जारी किए जाते हैं, जबकि FASTag का वार्षिक पास राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर यात्रा के लिए अलग व्यवस्था के तहत मान्य होता है। प्रस्तावित स्थानीय वार्षिक पास का उद्देश्य नियमित रूप से किसी खास टोल क्षेत्र से गुजरने वाले लोगों की लागत और भुगतान संबंधी परेशानी कम करना है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो स्थानीय यात्रियों को बार-बार पास नवीनीकरण कराने की आवश्यकता कम हो सकती है। FASTag पोर्टेबिलिटी और स्थानीय वार्षिक पास, दोनों कदम मिलकर राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में अहम बदलाव साबित हो सकते हैं।