नई दिल्ली. देश में बढ़ते आयात बिल और विदेशी मुद्रा पर दबाव के बीच केंद्र सरकार ने सोना, चांदी और प्लैटिनम पर सीमा शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर दी है। सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 15 प्रतिशत कर दिया है, जबकि प्लैटिनम पर अब 15.4 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचने की अपील की थी।
एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में तेज उछाल
सरकारी फैसले का असर तुरंत बाजार में दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोने के वायदा भाव में जोरदार तेजी दर्ज की गई। सोना करीब 9058 रुपये उछलकर 1,62,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,53,442 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। जानकारों का कहना है कि बढ़े हुए आयात शुल्क का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ा है।
सरकार ने क्यों उठाया यह कदम
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सरकार इस समय गैर-जरूरी आयात को नियंत्रित करने की रणनीति पर काम कर रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों में बाधाओं के कारण भारत पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल और बड़ी मात्रा में सोना विदेशों से आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बनता है।
विदेशी मुद्रा बचाने की बड़ी रणनीति
सरकार का मानना है कि देश के विदेशी मुद्रा संसाधनों का उपयोग आवश्यक क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। इनमें कच्चा तेल, उर्वरक, औद्योगिक कच्चा माल, रक्षा जरूरतें और महत्वपूर्ण तकनीकी आयात शामिल हैं। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सोना और चांदी सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण जरूर हैं, लेकिन इनका बड़ा हिस्सा उपभोग और निवेश के लिए इस्तेमाल होता है, जिससे विदेशी मुद्रा का भारी बहिर्वाह होता है।
सर्राफा कारोबारियों में बढ़ी चिंता
सरकार के इस फैसले के बाद सर्राफा बाजार और ज्वेलरी उद्योग में चिंता बढ़ गई है। कारोबारियों का कहना है कि आयात शुल्क बढ़ने से सोने और चांदी की कीमतें और महंगी होंगी, जिसका असर सीधे ग्राहकों की खरीद क्षमता पर पड़ेगा। खासतौर पर शादी-विवाह के सीजन में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, क्योंकि भारत में सबसे ज्यादा सोने की खरीद इसी दौरान होती है।
क्या आम ग्राहकों पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों के अनुसार आयात शुल्क बढ़ने का सबसे बड़ा असर आम ग्राहकों पर दिखाई देगा। आने वाले दिनों में सोने और चांदी के आभूषण पहले से अधिक महंगे हो सकते हैं। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि यह किसी प्रकार की रोक नहीं है और बाजार में उपभोक्ताओं की पसंद तथा मांग को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा रहा है। सरकार केवल अनावश्यक आयात पर नियंत्रण चाहती है ताकि आर्थिक संतुलन बनाए रखा जा सके।
वैश्विक तनाव ने बढ़ाई आर्थिक चिंता
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के बीच भारत जैसी बड़ी आयातक अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे तो सरकार आगे भी आयात नियंत्रित करने वाले कुछ और सख्त कदम उठा सकती है।