गुरुग्राम। हरियाणा का गुरुग्राम जल्द ही देश की नई पहचान बन सकता है। राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी 'ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट' के तहत यहां भारत की सबसे ऊंची इमारत बनाने की तैयारी चल रही है। प्रस्तावित यह गगनचुंबी इमारत करीब 620 से 700 मीटर ऊंची हो सकती है। अगर यह परियोजना साकार होती है, तो यह मौजूदा सभी भारतीय हाई-राइज प्रोजेक्ट्स को पीछे छोड़ देगी और देश का नया वास्तुशिल्पीय लैंडमार्क बनेगी।
1,000 एकड़ में विकसित हो रही है ग्लोबल सिटी
हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIIDC) द्वारा विकसित किए जा रहे इस प्रोजेक्ट का कुल क्षेत्रफल लगभग 1,000 एकड़ है। इसी प्रोजेक्ट के भीतर 6.7 एकड़ का एक विशेष प्लॉट इस सुपर टॉल बिल्डिंग के लिए चिन्हित किया गया है। यह इमारत मिक्स्ड-यूज होगी, यानी इसमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की सुविधाएं मौजूद रहेंगी। पिछले दो-तीन वर्षों में हरियाणा सरकार इस परियोजना को लेकर NCR, मुंबई और बेंगलुरु के कई बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स के साथ चर्चा कर चुकी है।
द्वारका एक्सप्रेसवे के पास बनेगा नया ग्लोबल बिजनेस हब
प्रस्तावित ग्लोबल सिटी द्वारका एक्सप्रेसवे के पास विकसित की जा रही है। यहां मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट को 'वॉक-टू-वर्क' कॉन्सेप्ट के आधार पर डिजाइन किया जा रहा है, ताकि लोग अपने घरों से पैदल ही ऑफिस और अन्य सुविधाओं तक पहुंच सकें।
भारत की सबसे ऊंची इमारतों को पीछे छोड़ देगा गुरुग्राम
फिलहाल भारत और NCR क्षेत्र की प्रमुख ऊंची इमारतों में शामिल हैं-
नोएडा का सुपरनोवा – लगभग 300 मीटर
गुरुग्राम का ट्रंप टावर्स – 198.84 मीटर
गुरुग्राम का रहेजा रेवांटा – 199.7 मीटर
दिल्ली का द लीला स्काई विला – 190 मीटर
अगर 700 मीटर ऊंची नई इमारत बनती है तो यह इन सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ देगी।
रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी से बढ़ रहा गुरुग्राम
सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड के फाउंडर और चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में गुरुग्राम देश के सबसे तेजी से उभरते रियल एस्टेट बाजारों में शामिल हो चुका है। रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों क्षेत्रों में यहां भारी निवेश देखने को मिला है और कई मामलों में यह मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों को चुनौती दे रहा है। उनका मानना है कि देश की सबसे ऊंची इमारत बनने से गुरुग्राम की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।
नई मेट्रो लाइन से मिलेगा बड़ा फायदा
हरियाणा सरकार द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ नई मेट्रो लाइन विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है। इससे इस पूरे इलाके में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी के तहत नए प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश और तेजी से बढ़ सकता है।
मुंबई का दबदबा, लेकिन गुरुग्राम बना नई उम्मीद
सीबीआरई (CBRE) की रिपोर्ट के मुताबिक देश की कुल हाई-राइज इमारतों में लगभग 77% हिस्सा मुंबई का है। इसके अलावा—
हैदराबाद – 8%
कोलकाता – 7%
नोएडा – 5%
गुरुग्राम, बेंगलुरु और चेन्नई – 1-1%
हालांकि नई परियोजना के बाद गुरुग्राम का स्थान इस सूची में काफी मजबूत हो सकता है।
निवेशकों का भरोसा और बढ़ेगा
क्रिसुमी कॉर्पोरेशन के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर कुणाल ऋषि का कहना है कि द्वारका एक्सप्रेसवे अब NCR का सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर बन चुका है। यहां इस तरह का विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट विकसित होने से निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और गुरुग्राम एक ग्लोबल अर्बन डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।
क्या बदल सकता है इस प्रोजेक्ट से?
यदि यह महत्वाकांक्षी योजना पूरी होती है, तो गुरुग्राम केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के प्रमुख स्काईलाइन वाले शहरों में अपनी जगह बना सकता है। इससे रोजगार, निवेश, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।