भोपाल। रंगों के पर्व से पहले साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। होली की शुभकामनाओं के नाम पर व्हाट्सऐप, एसएमएस और सोशल मीडिया पर फर्जी ग्रीटिंग कार्ड व गिफ्ट ऑफर के लिंक भेजे जा रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, वरना मोबाइल हैक होकर बैंक खाते से रकम उड़ाई जा सकती है।
एडिशनल डीसीपी की चेतावनी
भोपाल के एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि कई मामलों में लोग अनजाने में लिंक पर क्लिक करते ही कुछ ही मिनटों में हजारों रुपये गंवा बैठे। ठग असली वेबसाइट जैसे दिखने वाले लिंक बनाकर बैंकिंग डिटेल और ओटीपी चुरा लेते हैं। कई बार लिंक पर क्लिक करते ही फोन का रिमोट एक्सेस ठगों के पास चला जाता है।
ऐसे करते हैं ठगी
* फर्जी “होली गिफ्ट हैम्पर” या “कैशबैक ऑफर” का लालच
* बैंक डिटेल अपडेट करने का झांसा
* एप डाउनलोड कराकर ओटीपी हासिल करना
* क्यूआर कोड के जरिए रकम ट्रांसफर कराना
सामने आए दो मामले
केस-1:28 फरवरी को कोलार निवासी राहुल ने होली गिफ्ट हैम्पर के लिंक पर क्लिक किया। एप डाउनलोड होते ही ओटीपी साझा किया और खाते से 48 हजार रुपये कट गए।
केस-2: 1 मार्च को एमपी नगर की सोनाली मिश्रा को होली कैशबैक का मैसेज मिला। लिंक खोलते ही बैंक डिटेल मांगी गई और 32 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए।
पुलिस की अपील
साइबर क्राइम टीम ने लोगों से कहा है कि अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें। त्योहार के नाम पर इनाम, कूपन या गिफ्ट का लालच देने वाले संदेशों से सतर्क रहें। ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन **1930** पर कॉल करें और नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना देने से पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
इन 5 बातों का रखें ध्यान
1. किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
2. ओटीपी, पिन और पासवर्ड किसी से साझा न करें।
3. केवल भरोसेमंद व्यक्ति का ही क्यूआर कोड स्कैन करें।
4. संदिग्ध या आपत्तिजनक पोस्ट न बनाएं, न ही फॉरवर्ड करें।
5. संदिग्ध संदेश मिलते ही तुरंत पुलिस को सूचना दें।
होली की खुशियां सुरक्षित रहें, इसके लिए सतर्क रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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