नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 27 अगस्त की शाम 7 बजे तत्काल मौसम चेतावनी (Nowcast Warning) जारी की है, जो रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगी। मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में सबसे गंभीर स्थिति को देखते हुए रेड अलर्ट दिया गया है।
पूर्वी भारत में तेज आंधी-बारिश की संभावना
बिहार के औरंगाबाद, पूर्वी चंपारण, गया और रोहतास में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। झारखंड के बोकारो, चतरा, धनबाद, गढ़वा, हजारीबाग, जामताड़ा, लातेहार, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला और सिमडेगा में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी अलर्ट
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, जशपुर, सूरजपुर और सरगुजा तथा ओडिशा के भद्रक, कटक, जगतसिंहपुर और झारसुगुड़ा में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना है। इन इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ 5 से 15 मिमी प्रति घंटे की बारिश हो सकती है।
उत्तर भारत के कई राज्यों में बदलेगा मौसम
हरियाणा के अंबाला, पंचकूला और यमुनानगर, हिमाचल प्रदेश के शिमला और सिरमौर, पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) और उत्तराखंड के देहरादून में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश होने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में भी कई जिले अलर्ट पर
यूपी के अमेठी, भदोही, चंदौली, हरदोई, जौनपुर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, सहारनपुर, सीतापुर और सोनभद्र में मौसम विभाग ने खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में आंधी, बिजली गिरने और बारिश के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में रेड अलर्ट
IMD ने पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम को रेड अलर्ट श्रेणी में रखा है। यहां आकाशीय बिजली और गरज के साथ तूफान, करीब 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक भारी बारिश की बहुत अधिक संभावना जताई गई है। वहीं बाँकुड़ा, हुगली, हावड़ा, पश्चिम मेदिनीपुर, पश्चिम बर्धमान और पुरुलिया में ऑरेंज अलर्ट है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों को आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। पेड़ों के नीचे या कमजोर इमारतों में शरण न लेने, यात्रा से पहले सड़क और यातायात की स्थिति की जानकारी लेने तथा बाढ़ और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है। स्थानीय प्रशासन और IMD के आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।