नई दिल्ली: देश में जनगणना के दूसरे चरण की शुरुआत 25 जनवरी 2027 से होगी। यह प्रक्रिया 28 फरवरी 2027 तक चलेगी। इस बार जनगणना में लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। खास बात यह है कि करीब 95 साल बाद यानी 1931 के बाद पहली बार देश में जाति आधारित गणना भी की जाएगी। यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें नागरिकों को खुद ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी मिलेगा।
सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक लोग खुद पोर्टल पर अपनी जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद 25 जनवरी से जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा। इस जनगणना के लिए रेफरेंस डेट 1 मार्च 2027 की रात 12 बजे निर्धारित की गई है।
25 जनवरी से 28 फरवरी तक चलेगा दूसरा चरण
देश में जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जा रही है। पहला चरण मकानों की गिनती और आवास से जुड़ी जानकारी का था, जो जून 2026 में पूरा हो चुका है। अब दूसरे चरण में लोगों से संबंधित जानकारियां जुटाई जाएंगी।इस दौरान जनगणना कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर लोगों से जानकारी ली जाएगी। इस बार कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इसके साथ ही जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
95 साल बाद पहली बार होगी जाति की गिनती
इस जनगणना की सबसे बड़ी खासियत जातिगत गणना है। साल 1931 के बाद पहली बार देश में जनगणना के दौरान जाति की गिनती की जाएगी।इससे देश में अलग-अलग जातियों की आबादी से संबंधित आंकड़े सामने आने की उम्मीद है। इन आंकड़ों का इस्तेमाल भविष्य में नीतियां बनाने और सरकारी योजनाओं की योजना तैयार करने में किया जा सकता है।
पहली डिजिटल जनगणना, खुद भी भर सकेंगे जानकारी
भारत में पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जाएगी। सरकार ने नागरिकों को खुद ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जानकारी दर्ज करने की सुविधा देने की तैयारी की है।इसके लिए 10 से 24 जनवरी 2027 तक का समय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में लोग घर बैठे पोर्टल पर अपना डेटा भर सकेंगे। इसके बाद जनगणना की निर्धारित प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इन राज्यों में जनवरी-फरवरी में नहीं होगी जनगणना
जनवरी और फरवरी 2027 में देश के कुछ राज्यों और क्षेत्रों में जनगणना की प्रक्रिया नहीं होगी। इनमें मणिपुर, गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड शामिल हैं।इन राज्यों में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया के दौरान सरकारी कर्मचारियों की व्यस्तता को देखते हुए जनगणना का कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है।
बर्फबारी वाले इलाकों में बाद में होगी जनगणना
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में भी जनवरी-फरवरी के दौरान जनगणना नहीं होगी।इन क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण सड़कें और रास्ते बंद हो जाते हैं। इससे जनगणना कर्मचारियों को घर-घर पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
डिजिटल जनगणना से जुटेंगे देश की आबादी के नए आंकड़े
जनगणना 2027 देश के लिए कई मायनों में अहम मानी जा रही है। पहली बार डिजिटल माध्यम से आंकड़े जुटाए जाएंगे और करीब 95 साल बाद जातिगत गणना भी होगी। सरकार की इस प्रक्रिया से देश की आबादी, सामाजिक संरचना और विभिन्न वर्गों से जुड़े नए आंकड़े सामने आने की उम्मीद है।