नई दिल्ली. Election Commission of India द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम के अंतर्गत 22 देशों के प्रतिनिधियों ने भारत के विभिन्न राज्यों में चुनाव प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस कार्यक्रम में कुल 38 प्रतिनिधियों ने भाग लिया और उन्होंने असम, केरल तथा पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के दौरान व्यवस्थाओं को करीब से समझा। इस अनुभव के बाद प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव प्रणाली को विश्व स्तर पर अनुकरणीय बताया।
तैयारियों और प्रबंधन का सूक्ष्म अवलोकन
प्रतिनिधियों ने अपने दौरे की शुरुआत मतदान सामग्री के वितरण और प्रेषण केंद्रों के निरीक्षण से की, जहां उन्होंने देखा कि किस प्रकार सुव्यवस्थित योजना और मानकीकृत प्रक्रिया के तहत चुनावी सामग्री को मतदान दलों तक पहुंचाया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों से बातचीत कर चुनावी प्रबंधन की गहराई को समझा। नियंत्रण कक्षों में 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग प्रणाली का अवलोकन करते हुए उन्होंने इसे पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मतदान केंद्रों पर समावेशी व्यवस्था का अनुभव
मतदान दिवस पर प्रतिनिधियों ने विभिन्न क्षेत्रों के मतदान केंद्रों का दौरा किया, जहां उन्होंने मतदान की संपूर्ण प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा। उन्होंने मतदाताओं और चुनावकर्मियों से संवाद कर व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता को समझा। मतदान केंद्रों पर दिव्यांगजन के लिए रैंप, व्हीलचेयर, स्वयंसेवकों की सहायता और बच्चों के लिए क्रेच जैसी सुविधाओं ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। इसके अलावा केवल महिलाओं और दिव्यांगजनों द्वारा संचालित मतदान केंद्रों का निरीक्षण भी उनके लिए एक अनूठा अनुभव रहा।
तकनीकी नवाचार और पारदर्शिता का संगम
प्रतिनिधियों ने जिला स्तर के मीडिया निगरानी केंद्रों का भी दौरा किया और चुनावी निगरानी तंत्र को समझा। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के उपयोग और सतत वेबकास्टिंग व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार बताया। यह तकनीकी समन्वय न केवल मतदान को सुगम बनाता है, बल्कि पूरे प्रक्रिया में विश्वास को भी सुदृढ़ करता है।
मतदाता उत्साह: लोकतंत्र की सजीव अभिव्यक्ति
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से मतदाताओं के उत्साह और सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में मतदान केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र का उत्सव है, जिसमें हर नागरिक सक्रिय रूप से भाग लेता है। इस व्यापक और सुव्यवस्थित प्रक्रिया को देखकर उन्होंने इसे ‘लोकतंत्र का सच्चा उत्सव’ बताया और कहा कि अन्य देशों को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।
विश्व के लिए सीख बनती भारतीय प्रणाली
प्रतिनिधियों ने यह भी स्वीकार किया कि भारत की चुनाव प्रणाली अपने विशाल आकार और जटिलता के बावजूद जिस कुशलता से संचालित होती है, वह अन्य देशों के लिए सीख का विषय है। उन्होंने कहा कि यहां के अनुभवों को अपने-अपने देशों में लागू करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
भारत की चुनाव प्रक्रिया ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि जनभागीदारी और विश्वास का जीवंत उदाहरण है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सराहना न केवल देश की प्रतिष्ठा को बढ़ाती है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की वैश्विक स्वीकार्यता को भी मजबूत करती है।