वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण ऊर्जा सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि देश में ईंधन की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की चिंता की आवश्यकता नहीं है। मंत्रालय ने उपभोक्ताओं और उद्योग जगत दोनों को भरोसा दिलाया है कि आपूर्ति श्रृंखला मजबूत है और आवश्यक ईंधनों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
दो महीने तक की जरूरत पूरी करने लायक भंडार
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान बताया कि देश के पास लगभग दो महीने तक की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम उत्पादों का रोलिंग स्टॉक मौजूद है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है और किसी भी संभावित व्यवधान से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की गई हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर आशंकाएं बढ़ रही हैं।
पूरी क्षमता से काम कर रही हैं रिफाइनरिया
मंत्रालय के अनुसार देश की सभी प्रमुख रिफाइनरियां अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालन कर रही हैं। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां देशभर में ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित कर रही हैं। कुछ क्षेत्रों में मांग बढ़ने के बावजूद आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।
बढ़ी मांग के बावजूद नहीं आएगी कोई बाधा
हाल के दिनों में कुछ पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर सामान्य से अधिक खरीदारी देखी गई है, लेकिन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह स्थिति किसी कमी का संकेत नहीं है। अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने अतिरिक्त मांग को संभालने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि देश के किसी भी हिस्से में ईंधन की उपलब्धता प्रभावित न हो और उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
एलपीजी आपूर्ति के आंकड़ों ने बढ़ाया भरोसा
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन दिनों में लगभग 1.40 करोड़ घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग दर्ज की गई, जबकि इसी अवधि में 1.49 करोड़ सिलेंडरों की सफल डिलीवरी की गई। इसके अलावा करीब 22,340 टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि देश की आपूर्ति प्रणाली मांग के अनुरूप प्रभावी ढंग से काम कर रही है और वितरण तंत्र पूरी तरह सक्रिय है।
कीमतों पर अभी नहीं दिया गया कोई संकेत
हालांकि मंत्रालय ने ईंधन की उपलब्धता को लेकर स्पष्ट आश्वासन दिया है, लेकिन भविष्य में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में संभावित बदलाव को लेकर कोई टिप्पणी करने से परहेज किया है। अधिकारियों का कहना है कि वैश्विक बाजार की परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव भविष्य में कीमतों पर पड़ सकता है, लेकिन फिलहाल सरकार का ध्यान आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने पर केंद्रित है।
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने आम नागरिकों और उद्योगों से अपील की है कि वे ईंधन संकट या कमी से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न दें। मंत्रालय का कहना है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत है और आवश्यक ईंधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वर्तमान परिस्थितियों में घबराकर अतिरिक्त खरीदारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।